- न्यूनतम तापमान 14 डिग्री के आसपास पहुंचा, दिन में 30 डिग्री के करीब रह रहा पारा
- दिन-रात के तापमान में बड़े अंतर से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। उत्तरी हरियाणा व दक्षिण हरियाणा के कई जिलों में बारिश के बाद जिले में मौसम तेजी से बदलने लगा है। सुबह और शाम सर्द हवाओं से तापमान में गिरावट आई है। लोगों को अब ठंडक का एहसास होने लगा है।
पिछले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान करीब छह डिग्री नीचे आकर 14 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। वहीं दोपहर में तेज धूप के कारण तापमान 30 डिग्री के आसपास बना हुआ है। दिन-रात के तापमान में यह बड़ा अंतर लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर रहा है।
मौसम के इस बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिख रहा है। खासकर बच्चों में सर्दी, खांसी और जुकाम की शिकायतें बढ़ गई हैं। सुबह स्कूल जाते समय बच्चों को ठंडी हवा का सामना करना पड़ता है। दोपहर में उन्हें गर्मी का अनुभव होता है। चिकित्सकों ने बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मौसम का पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की वेबसाइट के अनुसार, शुक्रवार को जिले में न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री रहा। विभाग ने आगामी दिनों में अधिकतम तापमान 31 से 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री रहने का पूर्वानुमान जताया है। सुबह और रात के समय ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। जिला नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. गौरव ने बताया कि दिन-रात के तापमान में अंतर से शरीर को तालमेल बैठाने में परेशानी होती है। इससे सर्दी-जुकाम, खांसी और गले के संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।
बच्चे और बुजुर्ग बरतें सावधानी
डॉ. गौरव के अनुसार, मौसम के इस उतार-चढ़ाव के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को ठंडी हवा का सामना करना पड़ता है। अभिभावकों को बच्चों को सुबह घर से निकलते समय हल्के गर्म कपड़े पहनाने चाहिए। बुजुर्गों को भी सुबह और रात के समय ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से बचना चाहिए।
कृषि गतिविधियों पर मौसम भारी
मौसम में बदलाव का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। जिले में एक तरफ धान की कटाई और मंडियों में फसल पहुंचाने का काम जारी है। वहीं दूसरी ओर सरसों की बिजाई का समय आखिरी चरण में पहुंच चुका है। मौसम में बदलाव के चलते किसान सरसों की बिजाई को लेकर चिंतित हैं। सरसों की अगेती बिजाई वाले किसान दिन-रात के तापमान में 15 डिग्री तक के बदलाव से परेशान हैं। उगते हुए पौधे पर इस मौसम का सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है।