पिछले कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड के कारण शहर के अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। लोग खासकर फ्लू, खांसी और जुकाम की चपेट में आने लगे हैं। थोड़ी से भी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ रही है। डॉक्टरों ने बच्चे और बुजुर्गों कोसर्दी से बचने की सलाह दी है।
सरकारी अस्पताल व निजी अस्पतालों में हर रोज 600 से 700 लोग उपचार के लिए आ रहे हैं। आने वाले अधिकतर मरीजों को ठंड के कारण प्रभावित माना जा रहा है। बच्चों में निमोनिया की शिकायत काफी बढ़ गई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जेएस सोमानी का कहना है कि जिस प्रकार एकदम से तापमान में
काफी गिरावट आई है, इससे बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाए रखना काफी
जरूरी है।
अभिभावक ध्यान रखेें कि बच्चे को ठंड में बाहर नहीं निकलने दें
और पूरा शरीर गर्म वस्त्रों से ढका रहे। खानपान पर भी विशेष ध्यान रखें।
पुराने रोगियों की भी ठंड से दिक्कतें बढ़ने लगी हैं। सांस, हर्ट, शुगर,
बीपी, छाती के रोगियों को ठंड ने प्रभावित कर दिया है। ठंड के कारण उल्टी
और दश्त के रोग भी हो रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से ठंड अधिक पड़नी शुरू हुई
है जिससे शहर के अस्पतालों में रोगियों की संख्या में काफी इजाफा होने लगा
है।
ठंड में ज्यादा बाहर न निकलें
ठंड से फ्लू के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। बच्चों को निमोनिया हो रहा है। ठंड से बचने को लिए गर्म वस्त्र पहनें। हवा में न निकलें। टीबी और हार्ट रोगियों को दवा नियमित लेते रहना चाहिए। ठंडे पानी के संपर्क से बचें और ठंडी चीजों का सेवन भी न करें। इन दिनों में सर्दी, जुकाम, बुखार आदि के रोगियों की संख्या बढ़ी है।
ठंड बढ़ने से छोटे बच्चों को सर्दी, जुकाम व खांसी हो रही है। ऐसे में
परिजनों को बच्चों की काफी देखभाल की जरूरत है। अस्पताल में रोगियों का
अच्छे तरीके से उपचार किया जा रहा है। जनवरी महीने में हमेशा से ही ठंड से
जुड़ी बीमारियां बढ़ जाती हैं। अगर मौसम के हिसाब से शरीर की देखभाल की जाए
तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है।
डॉक्टर सुभाषिणी, एमएस सिविल अस्पताल