संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को बरनाला रोड स्थित पंचायत भवन में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए 16 शिकायतों की सुनवाई की। इनमें 13 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। सीएम ने कहा कि जनता की शिकायतों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं है।
शिकायत नंबर दो में प्रमोद कुमार वर्ष 2025 से डीसी कार्यालय के चक्कर काट रहा था। मामला फरवरी 1992 से मार्च 2004 तक की सेवा अवधि की ग्रेच्युटी राशि जारी न होने का था।
अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता अब समाधान से संतुष्ट है। मुख्यमंत्री ने देरी पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही सामने आई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बैठक में गांव चतरगढ़पट्टी निवासी विजय कुमार की फ्लैट संबंधी शिकायत पर भी सुनवाई हुई। उसे सेक्टर-21 में फ्लैट नंबर 387 आवंटित हुआ था और उसने दो किस्तें जमा कराई थीं, लेकिन कब्जा और चाबी नहीं मिली। मुख्यमंत्री ने उसकी इच्छा पूछकर ब्याज सहित मूल राशि लौटाने के निर्देश दिए।
पुलिस विभाग से संबंधित शिकायत नंबर तीन पर गांव चतरगढ़पट्टी निवासी पवन कुमार ने आरोप लगाया था कि कुछ लोग जबरन मंदिर परिसर में घुस आए और उसके परिवार के साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का आरोप था कि पुलिस ने उल्टे उसके परिवार के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया।
बैठक में एएसपी ने बताया कि पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच करने और जांच में जो भी पक्ष दोषी पाया जाए उस पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कष्ट निवारण समिति की बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जैसे ही हॉल से बाहर आए उनसे शिकायत करने वालों की भीड़ लग गई। मुख्यमंत्री ने लोगों को निराश नहीं किया और बारी-बारी से उनकी शिकायतें सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान पैर में दर्द के कारण एक वृद्ध महिला नीचे बैठ गई। महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके बेटों ने उसकी जमीन अपने नाम करा ली है। अब उसे घर से बाहर निकालने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
वहीं, यौन उत्पीड़न की शिकार एक महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि पुलिस ने मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है।