पुस्तकों का विमोचन करते हुए सीएम।
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को सिरसा में आयोजित गुरु नानक देव जी के 550 सालां प्रकाश उत्सव के दौरान लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अवलोकन करने के पश्चात उन्होंने प्रदर्शनी पंडाल में ही हरियाणा उर्दू अकादमी द्वारा प्रकाशित पांच पुस्तकों का विमोचन भी किया। वहीं उन्होंने गुरू नानक देव जी के हुक्मनामा क्लेंडर का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिन पुस्तकों का विमोचन किया उनमें डा. चंद्र त्रिखा द्वारा लिखी गई पुस्तक भाई मरदाना और रबाब, शायर महदी नज्मी द्वारा लिखित नज्रे नानक, उर्दू शायरी में गुरु नानक देव जी का तसव्वुर और त्रैमासिक पत्रिका जमनातट में गुरु नानक देव जी को समर्पित दो अंकों का विमोचन भी किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने हुक्मनामा कलेंडर का विमोचन भी किया।
इस दौरान मनोहर लाल ने सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग एवं भाई वीर सिंह सदन द्वारा संयुक्त रूप से गुरु नानक देव जी के जीवन दर्शन पर लगाई गई इस प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि हमें गुरुनानक देव जी के जीवन से प्रेरणा लेते हुए समाज को आगे बढ़ाना होगा। प्रदर्शनी का थीम रबाब से नगाड़ा तक था जिसका तात्पर्य यह है कि गुरुनानक देव रबाब बजाकर समाज में अपना संदेश देते थे और सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह नगाड़े के माध्यम से अपना संदेश देते थे। प्रदर्शनी हाल में रबाब और नगाड़ा दोनों का प्रबंध था और इन दोनों वाद्य यंत्रों को बजाकर मुख्यमंत्री का स्वागत भी किया गया। मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी इससे इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पूरे जोश के साथ नगाड़ा भी बजाया।
इस दौरान उन्होंने कैथल में लगाई गई संत चूड़ामणि भाई संतोख सिंह की प्रतिमा का रिमोट के जरिए अनावरण भी किया और वीडियो कांफ्रेंस के जरिए कैथलवासियों को इसकी बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि भाई संतोख सिंह का नाम विलक्षण प्रतिभाओं की उस सूची में शुमार है जिन्होंने वेदांत, सिख दर्शन, दार्शनिक चिंतन, शोध व अध्यात्म के जरिए क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी।