संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां (सिरसा)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि नामधारी समाज का इतिहास त्याग और बलिदान की प्रेरणादायक गाथा है। वे रविवार को नामधारी गुरुद्वारा श्री जीवननगर में होला मोहल्ला उत्सव के मद्दनेजर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
सीएम ने कहा कि दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह ने होली के उत्साह के साथ खालसा परंपराओं को मजबूत करने और समाज में भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने के लिए होला- मोहल्ला मनाने की परंपरा शुरू की थी। दोपहर करीब 12.30 बजे इस कार्यक्रम स्थल से सीएम सीधे मस्तानगढ़ स्थित डेरे पहुंचे और संतों से आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने उन वीर नामधारी शहीदों को नमन किया जिन्होंने मलेरकोटला में तोपों के सामने खड़े होकर हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी लेकिन सत्य और स्वाभिमान का मार्ग नहीं छोड़ा।
उन्होंने कहा कि सतगुरु राम सिंह महाराज द्वारा शुरू किया गया कूका आंदोलन भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था तब नामधारी समाज ने स्वदेशी अपनाने और विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का जो संदेश दिया, उसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा देने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के साथ कार्य कर रही है। यह विचारधारा नामधारी पंथ के ‘सरबत दा भला’ और मानव सेवा के सिद्धांतों से मेल खाती है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार महापुरुषों की शिक्षाओं को समाज तक पहुंचाने के लिए उनकी जयंती राज्यस्तर पर मनाती है। इसके लिए ‘संत-महापुरुष सम्मान विचार प्रचार एवं प्रसार योजना’ चलाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि हरियाणा सरकार समाज के हर धार्मिक और सामाजिक प्रयास में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। चाहे बुनियादी ढांचे का विकास हो या जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना, सरकार पूरी पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने संतों से आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि हम सभी मिलकर एक ऐसे विकसित हरियाणा और विकसित भारत के निर्माण के लिए कार्य करें, जहां हर व्यक्ति खुशहाल, सुरक्षित और आध्यात्मिक मूल्यों से प्रेरित जीवन जी सकें।
सांसद रामचन्द्र जांगड़ा, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, सरदार जसपाल सिंह, सरदार सुखदेव सिंह, पूर्व विधायक रामचंद्र कंबोज, जिला अध्यक्ष यतिंद्र सिंह, जगदीश चोपड़ा, देव कुमार शर्मा, शीशपाल कंबोज, अमीरचंद मेहता, निताशा सिहाग सहित संत समाज के प्रतिनिधि, नामधारी संगत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।