शहर की झुग्गी बस्ती से निकलकर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने का सपना देखने वाले पर्वतारोही हुकमचंद उर्फ चांद माही (25 वर्ष) अपने अभियान के लिए वीरवार को रूस रवाना हो गया। वहां उसे रूस के मिनरल वोडा शहर में माउंट एलब्रुस के नाम से प्रसिद्ध यूरोप की सबसे ऊंची चोटी (18500 फीट) को फतह करना है। इसके लिए उसे 3 जुलाई से शुरू होने वाली अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहण टीम में शामिल होना है।
शहर के उपमंडल नागरिक अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में उसे गणमान्य जनों ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष के बीच पुष्पवर्षा करके विदाई दी। वहीं इस अभियान में कामयाब होकर दुनिया भर में भारत का व ऐलनाबाद का नाम रोशन कर जल्द लौटने की कामना की। कार्यक्रम में उपमंडल नागरिक अस्पताल की प्रभारी डॉ. हरप्रीत कौर, डॉ. सुरेश गोदारा, डॉ. कनुप्रिया, डॉ. मदन जैन, डॉ. राजगोपाल बेनीवाल, साजन बंजारा, भारत शर्मा, प्रवीण शर्मा, हेमराज सपरा, गीता बैनीवाल मौजूद रहे।
पर्वतारोही चांद माही ने इससे पहले हिमाचल में 15500 फीट से 18000 फीट तक की 6 चोटियों पातालसू, शेतीधार, माउंट फ्रेंडशिप पीक, बाला चंद्रा माउंटेन पीक पर फतह हासिल की है। उसके इन अभियानों के लिए यहां के विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों ने आर्थिक मदद की थी। अब उसके पास रूस आने जाने के लिए हवाई जहाज की टिकट का खर्च और कोर्स की बाकी फीस भरने के लिए पैसों का अभाव था। शहर की विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं ने इसके लिए आर्थिक सहयोग किया।