संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। लिपिकों की हड़ताल पिछले करीब एक महीने से जारी है। वीरवार को लिपिकों ने थाली बजाओ सरकार जगाओ अभियान के तहत उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, बिजली मंत्री रणजीत सिंह व सांसद सुनीता दुग्गल के आवास पर थाली बजाकर प्रदर्शन किया। वहीं 30वें दिन जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से राकेश कुमार, इकबाल सिंह, विनोद कुमार, नवदीप सिंह व अभिषेक कुमार भूख हड़ताल पर रहे।
वीरवार को लिपिकों ने सबसे पहले उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आवास पर जाकर आधा घंटा रोष प्रदर्शन किया। उपमुख्यमंत्री के प्रतिनिधि ने लिपिकों को विश्वास दिलाया कि उपमुख्यमंत्री को सूचित कर दिया जाएगा। आने वाली कैबिनेट की बैठक में भी लिपिकों के वेतनमान की आवाज उठाई जाएगी। इसके बाद लिपिक बिजली मंत्री रणजीत सिंह के आवास पर पहुंचे। लिपिकों ने यहां भी करीब आधा घंटा थाली बजाकर और नारे लगाकर प्रदर्शन किया। प्रतिनिधि ने मौके पर ही बिजली मंत्री से फोन मिलकर बात की और स्थिति से अवगत कराया। बिजली मंत्री ने आश्वस्त किया कि शुक्रवार को होने वाली बैठक में इस मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद लिपिक सांसद आवास पहुंचे और थाली बजाकर प्रदर्शन किया। सांसद के प्रतिनिधि भजन लाल ने भी आश्वस्त किया कि सांसद सुनीता दुग्गल को इस मामले से अवगत करवाया जाएगा और जहां तक संभव हो सका, इस मांग को हरियाणा सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
जिला प्रधान गौरव बजाज ने बताया कि कर्मचारी पिछले 3 सालों से लगातार सरकार को वेतनमान की समस्या से अवगत करवा रहे हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। 30 दिनोंं से प्रदेशभर के लिपिक धरना देकर हड़ताल कर रहे हैं। इस दौरान सरकार से तीन बार वार्ता हो चुकी है, लेकिन सरकार उनकी मांग मानने को बिल्कुल भी तैयार नहींं। जब भी सरकार से बात करने जाते हैं तो सरकार के नुमाइंदे कहते हैं कि हरियाणा के कर्मचारियों को अन्य राज्यों के मुकाबले अधिक वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का लिपिक अन्य प्रदेशों से बहुत कम वेतन ले रहा है। अगर सरकार ने जल्द कर्मचारियों की वेतनमान की समस्या का समाधान नहीं किया तो कर्मचारी प्रदेशभर में अन्य संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन को तेज करेंगे। अगर जरूरत पड़ी तो विधानसभा का घेराव भी करेंगे।
हड़ताल से एक माह में 5300 की डीएल, आरसी की 7300 फाइलें अटकीं
जिले में रजिस्ट्री का कार्य सुचारू हो चुका है। पिछले तीन दिनों में जिले में 300 से अधिक रजिस्ट्री हुई हैं, लेकिन डाइविंग लाईसेंस, आरसी, इनकम सर्टिफिकेट सहित अन्य काम पिछले एक माह से ठप पड़े हैं। जिले में अनुमानित डीएल की 5300, आरसी की 7300, इनकम सर्टिफिकेट की 8000 व प्रॉपर्टी आईडी की 3200 फाइलें लंबित पड़ी हैं। जिले में वीरवार को भी 100 से अधिक रजिस्ट्री हुईं। यह रजिस्ट्री ऋण लेने वाले किसानों व बैंकों के बीच अधिक हो रही हैं। जमीन बेचने को लेकर रजिस्ट्री कम रही हैं। लिपिकीय वर्ग की हड़ताल से वीरवार को 250 डीएल, 350 आरसी, 400 से अधिक इनकम सर्टिफिकेट व डोमेसाइल का काम नहीं हो पाया। लोग ई-दिशा केंद्रों के चक्कर काटते रहे। दूसरी ओर राजस्व विभाग के तहसीलदार कार्यालय व एसडीएम कार्यालय में भी प्रतिदिन लाखों रुपये का राजस्व प्रभावित हो रहा है। अदालतों में केसों की रिकवरी भी रुक गई है। यहां पर प्रति माह 10 लाख रुपये की रिकवरी होती है। नगर परिषद को छह लाख रुपये का हाउस टैक्स व डेवलपमेंट चार्ज का प्रभावित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल जांच का काम रुका हुआ है। स