संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते शहर में दूषित और बदबूदार पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसका लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। इसके अलावा नहरबंदी के चलते शहर में पानी की किल्लत बढ़ गई है। आमजन को पानी खरीदकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं।
शहरवासियों समाजसेवी केशव ठेकेदार, योगेश जैन, नवदीप सिंह, का कहना है कि उक्त समस्या के बारे में कई बार सरकार व उच्चाधिकारियों को अवगत करवा चुके हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बरकरार है। उन्होंने बताया कि शहर के जलघर में पानी की 4 डिग्गियां बनी हुई है। इनमें भाखड़ा नहर से आने वाले पानी का भंडारण करके शहर में सप्लाई किया जाता है। लेकिन इन डिग्गियों में कई सालों से सफाई नहीं करवाई गई है। इसके चलते इनमें पॉलिथीन, कचरा, हरे बाई भारी मात्रा में जमा है। इससे पानी की गुणवत्ता बुरी तरह प्रभावित हो रही है और बीमारियां फैल रही हैं।
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पुरानी टूटी व खस्ताहाल पेयजल लाइन से हो रहा सीवरेज का पानी सप्लाई
शहर में कुल 16 वार्डोें में लगभग 30 हजार की जनसंख्या है। इन वार्डों ही गलियों व मुख्य बाजारों में 40 वर्ष से अधिक पुरानी पेयजल लाइन बिछी हुई है, जोकि वर्तमान में काफी खस्ता हाल में है। पेयजल पाइपलाइन जगह-जगह से टूटी हुई है। इस कारण पेयजल में सीवरेज का दूषित पानी मिक्स हो रहा है। दूषित पानी की समस्या शहर के हर वार्ड व हर गली-मोहल्ले में आ रही है।
शहर में सप्लाई किया जाता है बोरवेल का पानी
भाखड़ा नहर में पानी की आपूर्ति सीमित होने के कारण वाटर वर्क्स में पर्याप्त मात्रा में पानी संग्रहित नहीं हो पाता। इसी वजह से विभाग की ओर से शहर में बोरवेल का पानी सप्लाई किया जा रहा है, जोकि लवणीय है। यह पीने से पेट, लीवर, त्वचा, घुटनों, बालों के झड़ने, डायरिया जैसी बीमारियों हो रही है। इसके बावजूद विभाग न तो पानी की नियमित जांच करवा रहा है और न ही उसकी गुणवत्ता सुधारने के लिए कोई प्रयास कर रहा है।
दूषित पेजयल की कोई समस्या नहीं है। यदि ऐसी कोई समस्या है तो आमजन उन्हें बताए। समस्या का तुरंत समाधान करवा दिया जाएगा। पेयजल किल्लत नहरबंदी के कारण आ रही है। फिर भी विभाग आमजन को पर्याप्त मात्रा में पेयजल उपलब्ध करवाने का प्रयास कर रहा है।
जगबीर सिंह, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग कालांवाली।