बारिश के बीच सैकड़ों किसान-मजदूर स्टेडियम से निकले, पुलिस ने पुलिस लाइन में रोककर गिरफ्तारी लेने का प्रयास किया
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा एवं केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर सोमवार को सिरसा में जेल भरो आंदोलन किया गया। बारिश के बावजूद सैकड़ों किसान, मजदूर और कर्मचारी संगठनों के कार्यकर्ता शहीद भगत सिंह स्टेडियम में एकत्र हुए। यहां सरकार की नीतियों और प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
आंदोलन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने स्टेडियम में भारी पुलिस बल तैनात किया था। प्रदर्शनकारियों को वहीं से हिरासत में लेने के लिए सरकारी रोडवेज की बसें भी मंगवाई गई थीं। हालांकि दोपहर करीब एक बजे बारिश थमते ही किसान और कर्मचारी संगठनों के महिला-पुरुष कार्यकर्ता सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जेल की ओर कूच कर गए।
इसी दौरान हल्की बारिश दोबारा शुरू हो गई। प्रदर्शनकारी पुलिस लाइन चौक पहुंचे तो एएसपी आदर्शदीप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को पुलिस लाइन में गिरफ्तारी देने के लिए कहा लेकिन किसान नेता और कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी जेल की ओर जाने पर अड़े रहे। इसको लेकर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक खींचतान की स्थिति बनी रही।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ किसान नेताओं और पदाधिकारियों को पुलिसकर्मियों ने पकड़कर पुलिस लाइन के अंदर ले जाने का प्रयास किया। कुछ नेताओं के साथ पुलिस की जोर-जबरदस्ती भी हुई।
इसी बीच 50 से अधिक प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए सदर थाना क्षेत्र की ओर आगे निकल गए। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को घेरकर वापस पुलिस लाइन की ओर लेकर आए।
महिला पुलिसकर्मियों की गैरमौजूदगी पर एएसपी हुए नाराज
आंदोलन में बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य महिला कर्मचारी भी शामिल थीं। पुलिस लाइन चौक पर महिला प्रदर्शनकारियों को संभालने के लिए पर्याप्त महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं। ऐसे में पुरुष पुलिस कर्मचारियों को ही महिलाओं को समझाने और रोकने की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। मौके पर महिला पुलिसकर्मियों की गैरमौजूदगी को लेकर एएसपी आदर्शदीप सिंह ने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। किसान नेताओं की ओर से महिला प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के लिए महिला पुलिसकर्मियों की मांग किए जाने के बाद उन्हें मौके पर बुलाया गया। इसके बाद पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मियों को उनकी जिम्मेदारियां भी समझाई गईं।
ड्यूटी में लापरवाही पर पुलिसकर्मियों की भी लगी क्लास
प्रदर्शन के दौरान पुलिस व्यवस्था में सामने आई कमियों को लेकर एएसपी आदर्शदीप सिंह ने पुलिसकर्मियों के प्रति भी नाराजगी जताई। पुलिस लाइन में सभी कर्मचारियों को एक जगह एकत्र कर लाइन में खड़ा किया गया। एएसपी ने एक-एक कर्मचारी से उसकी ड्यूटी और तैनाती स्थल के बारे में जानकारी ली। कई कर्मचारी इस दौरान चुपचाप खड़े रहे। एएसपी ने ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
किसान-मजदूरों के साथ कई कर्मचारी संगठन भी उतरे
जेल भरो आंदोलन में किसान नेता जसवीर भाटी, हरजिंद्र सिंह, दीवान सहारण और भूपेंद्र सिंह वैदवाला सहित अनेक किसान नेता मौजूद रहे। इनके अलावा सफाई कर्मचारी यूनियन, आशा कार्यकर्ता यूनियन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, बिजली कर्मचारी यूनियन और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन में भाग लिया। मंच से किसान और कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर किसानों और मजदूरों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के बाद भी उचित मूल्य नहीं मिल रहा जबकि खेती की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। नेताओं ने यूरिया की उपलब्धता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि निर्धारित सीमा के कारण किसानों को जरूरत के अनुसार खाद नहीं मिल रही और बाद में उन्हें महंगे दामों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
यूनियन नेताओं के साथ धक्का-मुक्की पर जताई नाराजगी
किसान नेताओं से लेकर महिला प्रदर्शनकारियों ने पुलिस लाइन में उन्हें भेजने को लेकर धक्का-मुक्की की थी। इस दौरान किसान नेताओं के साथ पुलिस की बहस हुई। धक्का-मुक्की होने की सूचना जब प्रदर्शनकारियों को मंच के माध्यम से दी गई थी तो उन्होंने नाराजगी जताई। पुलिस प्रशासन के मुर्दाबाद के नारे लगाए और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।