संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। रक्षाबंधन पर्व पर सोमवार को महिलाओं को रोडवेज बसों में निशुल्क सफर के लिए जूझना पड़ा। बसों की कम के कारण महिलाओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। दो रूटों पर निजी बस संचालकों की ओर से महिलाओं से किराया वसूला गया। हालांकि मामला सामने आने पर रोडवेज अधिकारियों ने यह रुपये वापस दिलवाए। रोडवेज का दावा कि रक्षाबंधन पर करीब 20 हजार महिलाओं ने बसों में मुफ्त यात्रा की।
बता दें कि प्रदेश सरकार की घोषणा के मुताबिक सोमवार को भी रोडवेज व निजी बसों में महिलाओं का 15 साल के बच्चे के साथ सफर निशुल्क रहा। शहर के पुराना बस स्टैंड पर अधिक भीड़ होने के चलते अव्यवस्था का माहौल बना रहा। रोडवेज की ओर से दावा किया गया था कि महिलाओं को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी, लेकिन भीड़ के कारण यह दावा फेल हो गया। सुबह करीब सात बजे से ही महिलाओं की भीड़ बस स्टैंड पर देखी गई। लंबे रूटों की बसों में चढ़ने के लिए महिलाओं व अन्य यात्रियों के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई। बस आते ही उसमें चढ़ने के लिए महिलाओं में होड़ लगी रही। बसों में भी सीट को लेकर भी यात्रियों को जूझना पड़ा। बणी व ऐलनाबाद रूट की दो निजी बसों में यात्रियों से किराया वसूल की शिकायत रोडवेज के अधिकारियों को मिली। इसके बाद टीम ने महिलाओं को उनको किराया वापस दिलवाया गया।
रोडवेज की 195 व 96 निजी बसों का हुआ संचालन
रोडवेज की ओर से 233 बसें का संचालन किया गया। इसके अलावा 90 निजी बसों का भी संचालन किया गया। लोकल रूटों चोपटा, ऐलनाबाद, डबवाली, रानियां, ओटू, कालांवाली, रोड़ी के अलावा हिसार व फतेहाबाद के लिए लगातार बसें मिल रही थीं। लंबे रूटों की बसें भी अपने समय के अनुसार आधा या पौने घंटे देरी से चलीं।
रोडवेज की टीमें करती रहीं चेकिंग
रोडवेज प्रशासन द्वारा रोडवेज व निजी बसाें में महिलाओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसको लेकर दो टीमें गठित की गई। टीम के सदस्य बसों के आने-जाने के समय की भी निगरानी रखते रहे। वहीं कोई भी चालक व परिचालक खाली बस को लेकर न जाएं, इसकी भी जांच की गई।
रोडवेज की ओर से 233 बसों का लगातार संचालन किया गया है। इसके अलावा निजी बसों का भी संचालन करवाया गया है। दो रूटों पर निजी बसों में महिलाओं से टिकट लेने की बात सामने आई थी। इनको टिकट के रुपये रिफंड करवाए गए हैं। - रतनलाल, डीई, सिरसा रोडवेज डिपो।