चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में सोमवार को एबीवीपी छात्र संगठन द्वारा परीक्षाओं के नियमों में बदलाव की मांग को लेकर कुलपति को ज्ञापन सौंपना चाहा, लेकिन वाइस चांसलर द्वारा विद्यार्थियों से ना मिलने को लेकर विद्यार्थी प्रदर्शन पर उतर आए। सुरक्षा कर्मियों व विद्यार्थियों के बीच बहस व धक्का मुक्की से एडम ब्लॉक का गेट टूट गया। करीब चार घंटे चले रोष प्रदर्शन का अंत वीसी अजमेर सिंह मलिक का पुतला फूंककर किया गया।
विवि में स्नातक व स्नातकोत्तर और डिस्टेंस एजुकेशन की होने वाली परीक्षाओं को लेकर विद्यार्थी ऑनलाइन, ऑफलाइन मोड व अन्य बदलावों की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने एडम ब्लॉक के समक्ष एकत्रित हुए। ज्ञापन सौंपने की मांग को लेकर जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े विद्यार्थी कुलपति के कार्यालय की ओर बढ़ने लगे तो सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें रोक लिया। सुरक्षा कर्मचारियों ने वीसी कार्यालय में विद्यार्थियों की मांग पत्र सौंपने की बात पहुंचाई। विद्यार्थी बार-बार अंदर जाने की अनुमति मांग रहे थे, करीब दो घंटे बाद उन्हें अंदर भेजने से स्पष्ट मना कर दिया। इससे विद्यार्थियों में आक्रोश बढ़ गया और सुरक्षाकर्मियों से धक्का मुक्की कर एडम ब्लॉक के गेट से अंदर प्रवेश कर गए।
विद्यार्थियों की भीड़ आते देख वीसी कार्यालय के समक्ष सुरक्षाकर्मी तैनात हो गए और विद्यार्थियों को अंदर जाने से रोकने लगे। विद्यार्थियों व सुरक्षाकर्मी की खींचातानी में कुलपति कार्यालय का प्रवेश गेट टूट गया। स्थिति को बिगड़ता देख सुरक्षा इंचार्ज हिम्मत सिंह द्वारा पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पुलिस टीम पहुुंचकर विद्यार्थियों को अंदर जाने से रोका। सिविल लाइन एसएचओ विक्रम सिंह ने विद्यार्थियों से बातचीत कर स्थिति को संभालना चाहा लेकिन विद्यार्थियों की मांग थी कि कुलपति विद्यार्थियों के बीच आकर उनकी समस्या को सुने और परीक्षा संबंधित उन्हें जो समस्याएं आ रही है उन्हें दूर करे। एसएचओ द्वारा वीसी व विद्यार्थियों को आमने-सामने लाने में असमर्थ रहे। विद्यार्थी कार्यालय के समक्ष ही धरना लगाकर बैठ गए और कुलपति को उनकी समस्या सुनने के लिए बाहर बुलाने लगे।
वीसी को सद्बुद्घि देने की प्रार्थना की
रजिस्ट्रार राकेश वधवा विद्यार्थियों के बीच आए और उनकी मांगें सुनकर बोले कि ये मांगें अभी विचाराधीन हैं। वीसी काम में व्यस्त हैं, लेकिन विद्यार्थी उनके आश्वासन पर संतुष्ट नहीं हुए। करीब दो घंटे कार्यालय के बाहर बैठने के बाद भी जब कुलपति एबीवीपी से जुड़े विद्यार्थियों से मिलने बाहर नहीं निकले तो विद्यार्थियों ने रोष प्रकट करते हुए मांग पत्र को वीसी कार्यालय में लगी नाम पट्टी पर चस्पा दिया। साथ ही विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में स्थापित चौधरी देवीलाल की प्रतिमा के नीचे मांग पत्र चस्पा कर कुलपति को सद्बुद्घि देने की प्रार्थना की।
शिक्षा मंत्री को खून से लिखा पत्र
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में जुलाई माह के प्रथम सप्ताह से डिस्टेंस कक्षाओं की परीक्षाएं ऑफलाइन माध्यम से शुरू होगी। विद्यार्थियों की मांग है कि परीक्षा को लेकर अन्य विश्वविद्यालयों की तरह परीक्षा के विकल्प रखे जाएं। जिसके चलते विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर को खून से पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि सीडीएल्यू के वीसी परीक्षा में विकल्प दिए जाने को लेकर विद्यार्थियों की बात नहीं सुन रहे, अब आप ही परीक्षा को लेकर मांगे पूरी कर सकते हैं। खून से लिखे पत्र में मांग की गई है कि परीक्षा से एक महीना पहले डेटशीट निकाली जाएं, प्रश्न पत्र में से कोई पांच प्रश्न करने का विकल्प व ऑनलाइन और ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प दिया जाएं।
दो बार पहले भी एबीवीपी का हुआ था विवाद
वीसी अजमेर सिंह मलिक के साथ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों को दो बार पहले भी विवाद हुआ था। एक बार तो एबीवीपी के पदाधिकारियों ने वीसी कार्यालय के अंदर टेबल पर हाथ मारा था, जिसके बाद वीसी ने सुरक्षा कर्मचारियों को बुलाकर उन्हें बाहर निकाल दिया था।
छात्रों को ऑनलाइन और ऑफ लाइन का विकल्प दिया हुआ है। अगस्त में ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित की जानी है। डेट शीट और पांच प्रश्न करने का विकल्प के एजेंडे पर वे अकेले फैसले नहीं ले सकते। इसके लिए कमेटी होती है। कुछ शरारती तत्व विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं, वे ऐसा नहीं होने देंगे।
- अजमेर सिंह मलिक, वीसी, सीडीएलयू सिरसा।