उठान प्रक्रिया को लेकर हर रोज आढ़तियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। बुधवार को दिनभर पोर्टल बंद होने के कारण ऑनलाइन लोडिड ट्रकों का टोकन नहीं कट पाया। इसके कारण दिनभर गेहूं उठान का कार्य नहीं हो पाया। मंडियों में अब 31 लाख क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है। वहीं, शुरूआती दौर में हैफेड एजेंसी की ओर से आढ़तियों को पुराना बारदाना दिया गया था। इसके पश्चात आढ़तियों ने गेहूं की भराई कर उन्हें गोदामों तक पहुंचा दिया। इसके बाद अब एफसीआई ने पुराने बारदाने में भरी गेहूं की बोरियों को गोदामों में उतारने से इंकार कर दिया है।
बुधवार को पोर्टल बंद होने के कारण दिनभर गेहूं का उठान नहीं हो पाया। मंडियों में अब तक कुल 51 लाख क्विंटल की आवक हो चुकी है। जबकि उठान केवल 20 लाख क्विंटल का ही हो पाया है। जिसके कारण मंडियों में आढ़तियों की परेशानी भी बढ़ना शुरू हो चुकी है। मौसम खराब होने के कारण अब गेहूं भीगने के बाद खराब होने की संभावना भी पहले से अधिक बढ़ गई है। मंडियों में अब खुले आसमान के नीचे 31 लाख क्विंटल पड़ा है। वहीं पुराना बारदाना भी अब आढ़तियों के लिए परेशानी बन गया है। गोदाम में पुराने बारदाने में पहुंचे गेहूं को गोदाम इंचार्ज ने उतारने से इंकार कर दिया है। इसके कारण समय पर ट्रकों को समय पर खाली नहीं किया जा रहा।
बोरियों को उल्टा कर बारदाना भरने की दी हिदायत
एफसीआई की ओर सभी एजेंसियों को पुराना बारदाना उल्टा कर भरे होने पर ही गोदाम में गेहूं को उतारने का पत्र जारी किया है। जिसके कारण गोदाम इंचार्ज ने गोदाम में पहुंचे पुराने बारदाने को उतारने से इंकार कर दिया है। वहीं आढ़तियों का कहना है पुराने बारदाने में गेहूं की भराई के दौरान उसे उल्टा करके भरने की उन्हें कोई जानकारी तक नहीं दी गई थी और अब ट्रकों को गोदाम से वापस भेज पुराने बारदाने को उल्टा करके गेहूं भरने का कहा जा रहा है।
दिनभर पोर्टल बंद होने के कारण उठान कार्य नहीं हो पाया है। जबकि इससे पहले हैफेड की ओर से पुराना बारदाना दिया गया था। जिसको लोड करवा उन्होंने गोदाम तक पहुंचा दिया है। ऐसे में अब एजेंसियों की ओर से बोरियों को खाली कर उन्हें उल्टा कर भरने की जानकारी दी जा रही है।
- हरदीप सरकारियां, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन सिरसा
पुरानी बोरियों को उल्टा कर भरने की आढ़तियों को पहले जानकारी दी गई थी। आढ़तियों ने वैसे ही बोरियों में गेहूं भर दिया है। इसके कारण पुराने और नए गेहूं के मिक्स होने का खतरा रहता है।
- अमित कुमार, डीएम, हैफेड सिरसा