पशुपालकों के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई पशु किसान क्रेडिट कार्ड के लिए ग्रामीण आंचल के सात हजार पशु पालकों ने आवेदन किए गए हैं। परंतु बैंकों ने लोन की भरपाई न होने की आशंका के चलते 6460 लोगों के आवेदन रद्द कर दिए। हालांकि पशु पालकों का कहना है कि बैंक अधिकारियों की मनमर्जी के चलते लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा। पशुपालक बैंकों के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं।
डबवाली उपमंडल के अंतर्गत आने वाले 9 वेटरनेरी अस्पतालों के तहत आने वाले पशुपालकों की ओर से 6984 आवेदन किए गए। जिसमें कुल 524 लोन पास किए गए और 494 को विभाग की ओर से पशु हेल्थ सर्टिफिकेट जारी किए हैं। जबकि 30 लोगों ने लोन स्वीकृत होने के बाद लिया नहीं। गाय के लिए करीब 40 हजार रुपये और भैंस के लिए 50 हजार रुपये का लोन राशि स्वीकृति की जाती है, जो कि एक साल के लिए होती है।
गांव लोहगढ़ के पशुपालक कुलविंदर सिंह का कहना है कि मेरे पास लगभग 20 पशु हैं। जिसमें गाय, भैंस व कुछ बकरियां भी हैं। मैंने पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लगभग 4 माह पहले 4 गायों का बीमा करवाकर आवेदन किया था। बैंक के चक्कर काटने के बावजूद भी उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा। मुझे गांव के बैंक मैनेजर ने यह कह कर कि आपकी जमीन की लिमिट बनी हुई है, इसलिए आपको इस योजना का लाभ नहीं मिल सकता।
पशुपालक द्वारा बैंक में आवेदन किया जाता है। बैंक कर्मी सर्वे के बाद पशुओं, घर व उसके चरित्र के आधार पर रिपोर्ट देता है और बैंक लोन स्वीकृत करता हैं। हमने तो विभाग की ओर से पशु हेल्थ सर्टिफिकेट जारी करना होता है।
- विद्या सागर, एसडीओ पशुपालन विभाग डबवाली।
गांव का नाम आवेदन लोन स्वीकृत सर्टिफिकेट जारी
- शहर डबवाली 937 46 46
- अबूबशहर 767 42 40
- अलीकां 886 70 67
- चट्ठा 445 124 103
- चौटाला 745 25 25
- महाग्राम गंगा 827 23 23
- गोरीवाला 955 46 46
- कालूआना 572 118 118
- खुईयां मलकाना 850 30 26