कृषि कानूनों के विरोध और बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह से इस्तीफे की मांग को लेकर किसानों और पुलिस के जवानों में जमकर झड़प हुई। झड़प के दौरान पुलिस ने महिला पुलिस कर्मियों को भी मौके पर बुला लिया। जिसके बाद महिला पुलिस कर्मियों को आगे कर दिया। इस पर किसान भी पुलिस कर्मियों और मंत्री के लिए चूड़ियां लेकर पहुंच गए और पुलिस को बोले कि वह चूड़ियां ले जाएं और खुद भी पहन ले और मंत्री को भी पहना दें। एक घंटा 40 मिनट तक पुलिस कर्मियों से बहस होने के बाद प्रदर्शनकारी किसान वापस गए।
गलियों से होकर बिजली मंत्री के आवास के बाहर पहुंच किसान
बाल भवन से बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह के आवास का घेराव करने के लिए जब किसान निकले तो पुलिस की गाड़ी प्रदर्शन कर रहे किसानों के आगे-आगे रही। इस दौरान किसान मौका देख गलियों से होते हुए बिजली मंत्री के आवास की तरफ दौड़ पड़े। आवास के बाहर पहले से ही पुलिस की ओर से बैरिकेड लगाए गए थे। ऐसे में किसानों को बिजली मंत्री आवास के 15 कदम दूरी पर ही पुलिस कर्मियों ने बैरिकेड लगाकर रोक लिया।
पुलिस के साथ दो बार हुई धक्का मुक्की
बिजली मंत्री से इस्तीफे की मांग को लेकर किसान आवास के बाहर पहुंचे। मंत्री आवास के मुख्य गेट पर धरना देने और मंत्री से बातचीत करने को लेकर किसान पुलिस से अपील करते रहे। बैरिकेड को हटाने के लिए किसानों की दो बार पुलिस के साथ झड़प हो गई। दूसरी बार झड़प होने के दौरान किसानों ने बैरिकेडों को हटा दिया और आवास की तरफ जाने के लिए पुलिस कर्मियों से धक्का मुक्की करते रहे। लेकिन किसानों की संख्या कम होने के कारण किसान आवास की तरफ नहीं बढ़ पाए।
किसान बोले, चौधरी देवीलाल के नाम पर मांगें थे किसानों से वोट
बिजली मंत्री के आवास का घेराव करने के लिए भावदीन टोल प्लाजा पर धरना दे रहे किसान लखविंद्र सिंह ओलख, हरविंद्र सिंह थिंद, भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने चुनावों के दौरान उनसे किसानों का साथ देने के वादा किया था और चौधरी देवीलाल के नाम पर वोट मांगे थे। इसलिए उन्हें जीत मिली थी, लेकिन अब वह किसानों की विरोधी सरकार के साथ मिल चुके हैं। जिसका खामियाजा उनकी आने वाली पीढ़ी को भुगतना पड़ेगा।
मंत्री ने पांच किसानों को बुलाया, किसानों ने ठुकराया प्रस्ताव
किसानों के प्रदर्शन के दौरान मौके पर एसडीएम डॉ. जयवीर यादव, डीएसपी आर्यन चौधरी, डीएसपी कुलदीप बैनीवाल, सिविल थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे। इस दौरान किसानों के प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने बिजली मंत्री तक मांग पहुंचाई, जिसके पश्चात बिजली मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने पांच किसानों को मिलने का प्रस्ताव भेजा। ऐसे में किसानों ने कहा कि अगर गए तो सभी किसान मिलकर जाएंगे। जिसके पश्चात किसानों ने मंत्री से मिलने का प्रस्ताव ठुकरा दिया।