संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चतरगढ़पट्टी जलघर की क्षमता बढ़ाने के लिए शुरू की गई परियोजना पर 90 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। रेलवे लाइनों के नीचे से पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने दावा किया कि इस परियोजना के पूरा होने के साथ जलघर की भंडारण क्षमता 40 एमएलडी हो जाएगी। इससे शहर के पुराने क्षेत्र में बड़े स्तर पर नहरी पानी की आपूर्ति की जाएगी और नलकूप चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
जन स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2017-18 में पंजुआना जलघर का निर्माण करने के बाद पूरे शहर को नहरी पानी देने की योजना बनाई थी। इसके तहत करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से पंजुआना जलघर और शहर के चतरगढ़पट्टी तक पाइपलाइन डालने के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी की गई। इस परियोजना का आधे से ज्यादा हिस्सा पहले पूरा हो गया था, लेकिन विवादों के कारण कार्य बीच में रुक गया।
विभाग ने वर्ष 2024 में करीब 2.5 करोड़ रुपये की निविदा दोबारा लगाई। इस निविदा के अनुसार 28 इंच की पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया जाना था। पुराने ठेकेदार ने पंजुआना जलघर सेर खैरेकां तक करीब 3,800 मीटर लंबी पाइपलाइन ही बिछाई थी। इसके बाद घग्गर नदी पर पुल बनाकर पेयजल लाइन गुजारने और रेलवे लाइन पार करवाकर चतरगढ़पट्टी जलघर तक जोड़ने का काम किया नए ठेकेदार को करना था।
जुलाई में पूरी होनी थी परियोजना, एनओसी में लगा अधिक समय
भीषण गर्मी के मौसम में शहर की बड़ी आबादी को पेयजल की किल्लत से जूझना पड़ता है। चतरगढ़पट्टी जलघर की क्षमता बढ़ाने के लिए स्वीकृत इस परियोजना का कार्य शुरू हुआ था। तब से शहरवासी इस योजना के पूरी होने का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं। यह परियोजना जुलाई में पूरी होनी थी, लेकिन इस परियोजना के लिए रेलवे और वन विभाग ने एनओसी देने में अधिक समय लगा दिया।
यह हो चुका काम
- रेलवे क्रॉसिंग का काम पूरा किया जा चुका है।
- घग्गर नदी के ऊपर से पुल बनाकर पेयजल लाइन गुजारी जा चुकी है।
- वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद वन भूमि से पेयजल लाइन गुजारी जा चुकी है।
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यह बचा है काम
पेयजल लाइन को जलघर से जोड़ने के साथ ही डबवाली पर कुछ हिस्से में पेयजल लाइन बिछाने का काम बाकी है। इसको ठेकेदार तेजी से पूरा रहा है।
इस प्रकार रहेगी व्यवस्था
- नलकूप संचालित : 120
- पंजुआना जलघर में बने टैंक की क्षमता : 25 एमएलडी
- चतरगढ़पट्टी जलघर की भंडारण क्षमता : 15 एमएलडी
- परियोजना पूरी होने पर बंद होंगे नलकूप : 80 से ज्यादा।
ट्यूबवेल मिक्स पानी शहर में किया जाता है सप्लाई
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में चतरगढ़पट्टी जलघर में पानी का भंडारण करीब 50 फीसदी ही रहता है। पंजुआना जलघर से ही पानी फिल्टर होकर जलघर में पहुंचता है। वहीं से उसे आगे भेजा जाता है। पानी की कमी के कारण ही जलघर में नहरी पानी के साथ नलकूप का पानी भी मिलाया जाता है। नलकूप के पानी की स्थिति भी सिरसा में बेहतर नहीं है। भूजल स्तर निरंतर गिर रहा है और उसकी गुणवत्ता भी खराब हो रही है।
इस क्षेत्रों में होगा लाभ
- प्रेमनगर, मंडी क्षेत्र, रानियां रोड, थेहड़ मोहल्ला, अग्रवाल कॉलोनी, मुख्य बाजार क्षेत्र, चतरगढ़पट्टी क्षेत्र, बस स्टैंड के आसपास का क्षेत्र, पुराने शहर की प्रमुख कॉलोनियां
वर्जन
पेयजल लाइन बिछाने का 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। इसे वन भूमि और रेलवे लाइन पार कराने में अधिक समय लग गया था। अब दोनों कार्य हो गए हैं। कुछ हिस्सा बचा है। वहां पर लाइन बिछाने का कार्य तेजी से चल रहा है। गर्मियों में शहर के लोगों को शुद्ध रूप से नहरी पानी की आपूर्ति मिलेगी। तब अधिकतर नलकूप बंद हो जाएंगे। -भानूप्रकाश, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग, सिरसा।