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100 किलो से ज्यादा कचरा पैदा करने वाले संस्थानों को खुद लगानी होगी कंपोस्ट मशीन

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शहर में प्रतिदिन 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा पैदा करने वाली सात संस्थान है। शहर में प्रतिदिन 90 टन कचरा उठाया जाता है लेकिन एनजीटी के आदेशानुसार सूखा व गीला कूड़ा अलग अलग किया जाए। इतना ही नहीं गीले कूड़े को बड़े इंस्टीट्यूशन को खुद ही कंपोजट करना होगा। नगर परिषद शहर में जिन सात इंस्टीयूशन से सूखा व गीला कचरा उठाती है उनसे चार्ज वसूल करेगी, साथ ही उन्हें 15 दिन का समय दिया है कि अपने कचरे का प्रबंधन कर लें।
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शहर में प्रतिदिन 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा पैदा करने वाली सात इंस्टीयूशन है। इन संस्थाओं को लेकर शुक्रवार को नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता सुमित मलिक ने बैठक की। बैठक में एयरफोर्स, अनाज मंडी, सब्जी मंडी, आटो मार्केट, मार्केट कमेटी, सीडीएलयू, जेसीडी से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एनजीटी की सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट गाइडलाइन अनुसार 100 किलोग्राम प्रतिदिन कूड़ा कचरा उत्पन्न करने वाली इंस्टीट्यूशन को अपने कूड़े को खुद की कंपोज करना होगा। नप ने इन इंस्टीट्यूशन को कुछ दिनों पहले नोटिस भेजकर अपने कचरे से कंपोस्ट तैयार करने के नोटिस दिए थे। शुक्रवार को इस मामले को लेकर नगर परिषद में सात इंस्टूश्यान के पदाधिकारियों ने भाग लिया। एयरफोर्स के प्रतिनिधि ने कहा कि उनके स्टेशन में जल्द ही बायो गैस प्लांट लगाया जा रहा है, जिसमें कि गीला कचरा बायोगैस में कंपोस्ट हो जाएगा। वे एयरफोर्स स्टेशन का सूखा कचरा ही बकरियांवाली प्लांट में भेजते हैं। नप अधिकारी उनके सुझाव से संतुष्ट रहे। वहीं सीडीएलयू और जेसीडी विद्यापीठ के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे गीले कचरे को पहले ही कंपोस्ट कर रहे हैं।
आटो मार्केट, अनाज मंडी, सब्जी मंडी को करना होगा खुद कंपोस्ट
कार्यकारी अभियंता सुमित मलिक ने आटो मार्केट के प्रधान को दुकानों से निकलने वाले प्लास्टिक और रबर को अलग रखने की हिदायतें दी। अभियंता ने कहा कि ऑटो मार्केट से जो वेस्ट निकलता है वह खतरनाक है इसे दूसरे कचरे से अलग करें। अनाज मंडी और सब्जी मंडी के प्रतिनिधियों को कहा गया कि नप उनके एरिया से केवल सूखा कचरा ही उठाएंगी क्योंकि एनजीटी की हिदायतें सख्त है। इसलिए गीले कचरे का प्रबंधन उन्हें अपने स्तर पर ही करना होगा। या तो वे गीले कचरे का प्रबंधन करने के लिए गड्ढा खोदें या फिर मशीनरी लगाकर उसे कंपोस्ट करें। इसके साथ ही यदि इन संस्थाओं से नप अब कूड़ा उठाएगी तो उनसे चार्ज वसूले जाएंगे। अभी तक सभी संस्थानों का कूड़ा नप मुफ्त में ही उठा रही थी। चार्ज कितने लिए जाएंगे, इसके लिए नप अब जल्द ही एनजीटी की गाइडलाइन अनुसार कांट्रेक्ट की शर्ते तैयार करेंगी। लेकिन सभी इंस्टीट्यूशन को 31 जुलाई 2020 तक सूखे व गीले कचरे का प्रबंधन अलग अलग करने के निर्देश दिए गए। उसके बाद जुर्माना वसूला जाएगा।
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इससे पहले 19 को जारी हो चुके हैं नोटिस
नगर परिषद ने पांच दिन पहले शहर के 11 बैंकवेट हाल व होटल मालिकों को सूखे व गीले कचरे का प्रबंधन करने का नोटिस जारी किया है। इन्हें साफ निर्देश है कि यदि एनजीटी की गाइडलाइन अनुसार सूखे व गीले कूड़े का प्रबंधन अलग अलग न किया तो उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।
सूखे व गीले कूड़ा प्रबंधन के लिए सात इंस्टीट्यूशन के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई थी। उन्हें 31 जुलाई तक का समय दिया गया है। यदि उसके बाद भी कचरे का प्रबंधन नहीं करेंगे तो चालान की कार्रवाई की जाएगी। -सुमित मलिक, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद सिरसा।
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