चौटाला दोहरे हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता आरोपी छोटू भाट के आत्म समर्पण के बाद एक के बाद एक अहम खुलासे होते जा रहे हैं। बड़े खुलासे और सिरसा पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने के आरोप लगने के चलते सरकार ने इस हाई प्रोफाइल मामले को स्टेट क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। स्टेट क्राइम ब्रांच के डीजी पीके अग्रवाल ने चौटाला दोहरे हत्याकांड की फाईल सिरसा पुलिस से मांगी है। अब स्टेट क्राइम ब्रांच इस मामले की जांच करेगी। सीआईए की पूछताछ में पहले दिन छोटू भाट ने खुलासा किया था कि सिरसा जेल का एक वार्डन उसे मोटी रकम लेकर मोबाइल फोन व हर प्रकार की चीजें लाकर देता था। खुलासे के बाद एएसपी हिमांशु गर्ग के नेतृत्व में सीआईए ने जांच आगे बढ़ाई तो काफी चौकाने वाले बड़े खुलासे उक्त जेल वार्डन व सिरसा जेल के संबंध में सामने आए हैं।
सूत्रों के अनुसार सुसाइड नोट लिखकर 12 दिन पहले लापता उक्त जेल वार्डन ने जेल में सजा काट रहे हाई प्रोफाइल कैदियों से लाखों रुपये उधार ले रखे हैं। कैदियों के अलावा उसने साथी दो जेल वार्डन से भी दस लाख रुपये कर्ज लिया हुआ है। उक्त वार्डन ने करीब 35 लाख रुपये का कर्जा जेल में बंद चार कैदियों, तीन वार्डनों व एक जेल उपअधीक्षक से लिया हुआ। ऐसा नहीं कि इसी वार्डन ने ही कैदियों से कर्जा उठा रखा है। जेल में बंद बड़े जमींदार घरानों व माफिया से तालुक रखने वाले कैदियों से जेल कर्मचारियों से लेकर अधिकारी तक ने फाइनेंस पर लाखों रुपये ले रखे हैं। इन कैदियों में से कुछ का नाम जांच अधिकारियों को पता चले हैं। पूछताछ में एक और खुलासा यह हुआ है कि जिस मोबाइल नंबर का उपयोग छोटू भाट कर रहा था वह मोबाइल नंबर उसके जमानत पर जेल से रिहा होने के बाद भी 23 जनवरी तक सिरसा जेल में चल रहा था।
जैसे-जैसे मामले की जांच आगे बढ़ रही है जेल अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस सूत्रों जांच में यह बात सामने आ रही है कि जेल में 20 से 25 मोबाइल चल रहे हैं। ऐसे में एएसपी हिमांशु गर्ग के नेतृत्व में जेल की औचक छापेमारी की रूपरेखा तैयार की जा रही है। छोटू भाट के पास जो मोबाइल था उसका पता लगाने के लिए सुसाइड नोट लिखकर लापता हुए जेल वार्डन के घर व ठिकानों पर सीआईए पुलिस की दबिश जारी है। जांच में जुटे अधिकारियों का कहना है कि साजिश में इस्तेमाल मोबाइल ही इस मामले में सबसे अहम और ठोस सबूत है। रिमांड के तीन दिन और शेष बचे हैं इसलिए मोबाइल की बरामदगी करना सबसे जरूरी है। छोटू भाट से उसके शूटरों के बारे में भी दूसरे दिन काफी देर तक पूछताछ चली, कड़ी सुरक्षा मेें छोटू भाट को सीआईए व डबवाली सदर पुलिस कई स्थानों पर लेकर गई।
ऑन रिकॉर्ड छोटू भाट की एक भी मुलाकात नहीं
जेल में बंद हर शख्स से परिवार व दोस्तों का सप्ताह में दो बार आना-जाना लगा रहता है लेकिन जेल रिकॉर्ड में छोटू भाट जब से जेल में था है उससे मुलाकात करने कोई नहीं आया। जेल सूत्रों के अनुसार ऑन रिकॉर्ड में छोटू भाट से मुलाकात करने कोई नहीं आया। उसकी सारी मुलाकातें ऑफ दी रिकॉर्ड सीधा डोडी में ही होती थी। जेल अधीक्षक अमित भादू करीब आठ महीने पहले सिरसा जेल अधीक्षक के तौर पर कार्यभार संभाला था, उनके कार्यभार संभालने से पहले तक छोटू भाट अपने रिश्तेदार व दोस्तों से सीधा डोडी के साथ वाले कमरे में मुलाकात करता था। तत्कालीन जेल अधीक्षक जेएस सेठी के सेवानिवृत्त होने के बाद जेल उप अधीक्षक अमित पातड़ के पास जब सिरसा जेल की कमान आई तो उन्होंने जेल में सख्ती बढ़ा दी और औचक छापेमारी में 13 मोबाइल हत्या व लूटपाट में सजा काट रहे शूटरों से बरामद किए। कुछ दिनों तक तो ये सिलसिला चला लेकिन बाद में भिवानी जेल से अमित भादू का तबादला प्रमोशन देकर सिरसा जेल अधीक्षक के तौर कर दिया गया।
2006 से लेकर 2010 तक बर्खास्त रहा था वार्डन
जिस वार्डन का इस मामले में संलिप्त रहने का खुलासा हुआ है, उसपर वर्ष 2006 में भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। जेल विभाग की तरफ से उसे नौकरी से सस्पेंड कर दिया गया लेकिन उक्त वार्डन अपनी पहुंच के बल पर फिर से बहाल हो गया। जेल में उक्त वार्डन की काफी पैठ है और अधिकारियों से मिलीभगत करके जेल में मोटा माल बटोरने में उसे महारथ हासिल है। सुसाइड नोट में उक्त वार्डन ने अपने साथियों के नाम और सारी कहानी लिखकर अपने परिवार व साथी कर्मचारियों को मोबाइल पर भेज दी थी।
अहम सबूत हाथ लगे
रिमांड अवधि के दौरान अब तक काफी अहम जानकारियां और सबूत पुलिस के हाथ लगे हैं। आरोपी से कड़ी पूछताछ कर उसकी निशान देही पर सबूत जुटाए जा रहे हैं। कई जांच टीमें संयुक्त रूप से कार्य कर रही हैं।
-सुरजीत सहारण, जिला पुलिस प्रवक्ता, सिरसा।
ये है पूरा मामला
11 जनवरी 2017 की देर शाम गांव चौटाला में इनेलो नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला परिवार के बेहद करीबी प्रदीप गोदारा के किन्नू प्लांट में अज्ञात बदमाशों ने अधाधुंध फायरिंग की। फायरिंग में प्लांट दफ्तर में मौजूद चौटाला निवासी जमींदार सतबीर पूनिया, अमित सहारण की मौत हो गई। इस मामले में 25 जनवरी को पुलिस ने चौटाला निवासी गंगाजल उर्फ महेंद्र, कालू उर्फ मुखराम व सुखविंद्र उर्फ मिंडा को गिरफ्तार करते हुए खुलासा किया कि जेल में छोटू भाट ने इस अमित सहारण व सतबीर की हत्या करने की साजिश रची थी। 13 अप्रैल को छोटू भाट ने पंजाब की गिदड़बाह कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया जिससे पूछताछ की जा रही है जिसमें छोटू भाट ने कई अहम खुलासे किए हैं।