सिरसा। जिले में अब कुपोषण के बजाय एनिमिया यानि रक्त की कमी वाले बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विभाग की ओर से बच्चों की जांच करने के बाद उनके परिजनों को उपाय बजाए जा रहे हैं। नागरिक अस्पताल में हर रोज बाल रोग विशेषज्ञ के पास 100 से अधिक मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 15 से 20 मरीज एनिमिया से पीड़ित हैं। विशेषज्ञ इसका मुख्य कारण फास्ट फूड को बता रहे हैं।
एनिमिया आयरन की कमी के कारण होता है। इससे बच्चों में खून की कमी हो जाती है और वह बार-बार बीमारी होना शुरू हो जाता है। इसका मुख्य कारण फास्ट फूड का अधिक सेवन करना, फल फ्रूट का सेवन न करना, पेट में कीड़े होने व खेल कूद में कमी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों के परिजनों को जागरूक किया जाता है और उनकी देखरेख करने के लिए कहा जाता है। व्यस्त जीवन व काम काज अधिक होने के कारण बच्चों के परिजन भी उनकी ठीक तरह से देखरेख नहीं कर पाते हैं।
तीन से चार मरीजों को करना पड़ता है दाखिल
खून की कमी होने के कारण बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है। इसके चलते अस्पताल में बने बाल रोग विशेषज्ञ के पास बच्चों की ओपीडी भी बढ़ रही है। अस्पताल में हर रोज 100 मरीजों की जांच होती है। इनमें से 15 से 20 मरीज खून की कमी के पास जाते हैं। इसके बाद तीन से चार मरीज अधिक प्रभावित होने के बाद उन्हें दाखिल तक करने की आवश्यकता पड़ती है। नागरिक अस्पताल में बने पीडियाट्रिक वार्ड में अब बच्चों को दाखिल कर उनके लिए 30 बेड लगाए गए हैं।
वर्जन
जिले में अब कुपोषण से अधिक एनिमिया से पीड़ित बच्चे पाए जा रहे हैं। इसका मुख्य कारण फास्ट फूड, खान पान में बदलाव, पेट में कीड़े मुख्य कारण है। हर रोज 15 से 20 बच्चो इस तरह की बीमारी से पीड़ित पाए जा रहे हैं। इन्हें पौष्टिक आहार देने के लिए उनके परिजनों को जागरूक किया जाता है। - डॉ. भारत भूषण, बाल रोग विशेषज्ञ, सिरसा ।