सिरसा की जेजे कॉलोनी से दो महीने पहले लापता हुए तीन बच्चे गंगानगर रेलवे स्टेशन पर मिले। गंगानगर की चाइल्ड हेल्पलाइन ने सिरसा पुलिस से संपर्क किया और दो दिन पहले इन बच्चों को सिरसा लाया गया। लेकिन इन बच्चों ने अपने मां-बाप के पास रहने से इंकार कर दिया। बच्चों ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को बताया कि उनके मां-बाप उनसे भीख मंगवाते हैं और जिस दिन पैसे नहीं मिलते तो उनकी पिटाई करते हैं। ऐसे में चाइल्ड वेलफेयर काउंसिलिंग ने तीनों बच्चों को उनके मां-बाप को सौंपने से इंकार कर दिया और उन्हें ओपन शेल्टर होम में भेज दिया।
चाइल्ड वेल्फेयर काउंसिल अध्यक्ष अनीता रानी ने बताया कि तीनों बच्चों की काउंसिलिंग की जा रही है जो तीन दिनों तक जारी रहेगी। इसके बाद जो रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर निर्णय लिया जाएगा। शेल्टर होम में बच्चे सुरक्षित हैं और उनका पूरा ख्याल रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीनों बच्चों की उम्र सात से 11 साल के बीच है। पुलिस जब बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर के पास लेकर आई तो बच्चों ने भीख मंगवाने की जानकारी दी। इसके बाद हमने बच्चों के माता पिता को बुलाया। वे जेजे कॉलोनी में रहते हैं और खुद मदारी का खेल दिखाते हैं। पहले तो मां-बाप ने कहा कि वे खुद भी भीख मांगते हैं। लेकिन हमने उनके साथ बच्चे भेजने से इंकार कर दिया। बच्चों की भी काउंसिलिंग की गई और उन्हें पढ़ने-लिखने के लिए समझाया गया। साथ ही मां-बाप की भी काउंसिलिंग की गई। उन्हें बताया गया कि बच्चों से भीख मंगवाना कानूनी अपराध है। बच्चों को अभी ओपन शेल्टर होम में ही रखा जाएगा। दोबारा से फिर उनकी काउंसिलिंग की जाएगी, तभी उन्हें मां बाप को सुपर्द किया जाएगा।