सिरसा। प्रदेश में विकास के दावों के बीच हजारों सरकारी स्कूलों में बच्चे आज भी टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं। करीब 14 हजार सरकारी स्कूलों में 3.80 लाख बच्चों के लिए डेस्क उपलब्ध नहीं हैं। सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने इस स्थिति पर प्रदेश सरकार को घेरते हुए शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी सुविधाओं पर सवाल उठाए।
सैलजा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के बच्चे बड़ी संख्या में पढ़ते हैं। उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल देना सरकार की जिम्मेदारी है। बैठने की उचित व्यवस्था के साथ स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित भवन, पर्याप्त शिक्षक और छात्राओं के लिए साफ-सुथरे शौचालय भी जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि बुनियादी सुविधाओं की कमी बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है। सरकार को घोषणाओं के बजाय जमीनी कमियों को दूर करना चाहिए ताकि आर्थिक स्थिति किसी बच्चे की शिक्षा और अवसरों में बाधा न बने।
सैलजा ने सरकारी स्कूलों का जिलावार सर्वे करवाने और कमियां दूर करने के लिए समयबद्ध योजना बनाने की मांग की। उन्होंने डेस्क और छात्राओं के शौचालयों की व्यवस्था को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उनके अनुसार, प्रदेश की प्रगति का आकलन स्कूलों की सुविधाओं और शिक्षा की गुणवत्ता से होना चाहिए।
धान खरीद में देरी और नमी के नाम पर हो रही कटौती
सैलजा ने मंडियों में धान खरीद में देरी, नमी जांच और फसल उठान से जुड़ी किसानों की शिकायतों पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बढ़ती लागत और मौसम की मार झेल रहे किसानों को फसल बेचने में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने नमी की पारदर्शी जांच, समय पर खरीद, उठान और भुगतान सुनिश्चित करने के साथ शिकायतों का तत्काल समाधान करने की मांग की।