ऑपरेशन मुस्कान के तहत स्टेट क्राइम ब्रांच और बाल संरक्षण विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से शहर के कई बड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दौरान दस आयु तक के दस बच्चे इन प्रतिष्ठानों पर बाल मजदूरी करते हुए मिले। क्राइम ब्रांच ने मासूम बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त करवाकर उन्हें बाल संरक्षण विभाग को सौंप दिया। इसके अलावा प्रतिष्ठान मालिकों को चेताते हुए जवाब मांगा गया है कि मासूम बच्चों से मजदूरी क्यों करवाई?
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह स्टेट क्राइम ब्रांच पुलिस के राजबीर, जसवीर सिंह सिरसा पहुंचे। उन्होंने बाल संरक्षण विभाग की अधिकारी अंजना डूडी के साथ शहर में बडे प्रतिष्ठानों पर दबिश देने की योजना बनाई। अंजना डूडी ने अपनी टीम में मीनाक्षी , आनंद व जसप्रीत को शामिल किया। इसके बाद दोनों टीमें शहर में घूमने लगी। हिसार रोड स्थित चाचा स्विट्स में टीम ने पहले रेड मारी जहां पर कई मासूम बच्चे मजदूरी करते हुए मिले। इसके बाद सेठी कॉफी हाऊस और चंदन बेकरी में छापेमारी की।
तीनों स्थानों से दस बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त करवाया गया। छापेमारी से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। क्राइम ब्रांच की टीम ने प्रतिष्ठान मालिकों को चेतावनी दी कि अगर भविष्य में मासूम बच्चों से मजदूरी करवाई तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी बच्चों को बाल संरक्षण कार्यालय लाया गया। अधिकारी अंजना डूडी ने बच्चों को फल और मिठाई दी। बच्चों से उनके माता-पिता के बारे में पूछा गया और उनसे संपर्क साधकर उन्हें कार्यालय में बुलाया। परिजनों को समझाया गया कि बच्चे देश का भविष्य है, इनको पढ़ा लिखाकर जरूरी है।
सरकार ने बच्चों की शिक्षा के लिए कई योजनाएं चला रखी हैं। इसलिए अपने बच्चों को स्कूल भेजें। बच्चों का दाखिला करवाने के लिए बाल कल्याण विभाग हर प्रकार की सहायता करेगा।