सिरसा। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों की ओर से लगातार मिल रहीं धमकियों के बाद पूरा सच के संपादक पत्रकार रामचंद्र छत्रपति ने दो जुलाई 2002 को सिरसा पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई थी। पुलिस प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा नहीं दी।
इसके चार माह बाद 24 अक्तूबर 2002 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति को डेरा अनुयायियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। रामचंद्र छत्रपति की हत्या होने के बाद भी जिला पुलिस प्रशासन ने उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा नहीं दी। बाद में मिली सुरक्षा में अब सिर्फ एक गनमैन ही बचा है।
रामचंद्र छत्रपति के बड़े पुत्र अंशुल छत्रपति ने बताया कि वर्ष 2007 में उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा दी गई, लेकिन अब पुलिस प्रशासन ने फिर से सुरक्षा में कटौती कर दी है। अंशुल छत्रपति का कहना है कि पहले उनके व उनके छोटे भाई अरिदमन की सुरक्षा के लिए दो गनमैन मिले हुए थे। घर के बाहर तीन पुलिस कर्मचारी तैनात रहते थे। अब सिरसा पुलिस प्रशासन ने उनके भाई अरिदमन की सुरक्षा वापस ले ली और घर के बाहर से भी सुरक्षा हटा ली है।