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Sirsa News: जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज पेशकर अदालत से की धोखाधड़ी, रीडर की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर

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सिरसा। फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर अदालत से धोखाधड़ी करने के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी अभियुक्त इंद्रजीत ग्रोवर के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने उक्त कार्रवाई न्यायाधीश विशाल के रीडर की शिकायत पर की है। अदालत ने पुलिस को इस मामले की गहनता से जांच कर इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इसके अलावा इस मामले की सूचना संबंधित राजस्व अधिकारी को दी जाए और मामले को गैर जमानती वारंट के माध्यम से सभी अभियुक्तों को सूचीबद्ध किया जाए।
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मामले के अनुसार अदालत में चेक बाउंस के संबंधित एक मामला चल रहा है। जिसमें इंद्रजीत ग्रोवर आरोपी है। गत दिवस अदालत के समक्ष गांव केलनिया निवासी महावीर उपस्थित हुआ। उसने अदालत में एक हल्फनामा प्रस्तुत किया। जिसमें यह उल्लेख किया गया कि उसका आधार नंबर 952356165997 है और ये उसके पास ही है। चेक बाउंस के मामले में एक नोटिस उसे मिला है। जिसमें कहा गया है कि वह अभियुक्त इंद्रजीत ग्रोवर का जमानती है। महावीर ने अदालत को बताया कि उसने कोई जमानत नहीं दी और न ही वह अभियुक्त को जानता है। उसकी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड का गलत इस्तेमाल किया गया है और अदालत में उसके आधार कार्ड की फर्जी कॉपी रिकॉर्ड में लगा दी गई है। इसलिए जाली पहचान एवं दस्तावेज बनाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
22 दिसंबर 2022 को थी तारीख
इसके बाद अदालत ने रिकॉर्ड जांचा तो पता चला कि 22 दिसंबर 2022 को आरोपी इंद्रजीत ग्रोवर की जमानत की तारीख थी। इसे रद्द कर दिया था और उसे सीआरपीसी की धारा 446 के तहत नोटिस जारी किया गया था।
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वर्ष 2022 में पकड़ा गया था जमानत दिलाने वाला शातिर ठग
बता दें कि सितंबर 2022 में भी इसी प्रकार का मामला सामने आया था। इस मामले में शहर के एक शातिर ठग ने विभिन्न आपराधिक केसों में फर्जी आधार कार्ड के जरिए आरोपियों का जमानती बनकर उन्हें जेल से रिहा करवा दिया था। उक्त ठग का नाम तो विजय था और उसने विजय नाम से सैकड़ों फर्जी आधार कार्ड बना रखे थे। न्यायालय की जांच में 8 आपराधिक केस सामने आए थे। जिसमें ठग ने जमानती बनकर आरोपियों को जमानत दिलवाई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने न्यायालय को गुमराह कर आरोपियों को जमानत दिलाने वाले आरोपी ठग विजय कुमार निवासी वार्ड नंबर 24 थेहड़ मोहल्ला के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
तस्करी के मामले में दिलाई आरोपियों को जमानत
पुलिस को दी शिकायत में रीडर मनोज दहिया ने बताया था कि विजय नाम के व्यक्ति ने चेक बाउंस के एक मामले में जमानती के रूप में अपना आधार कार्ड न्यायालय में पेश किया। पड़ताल करने पर पता चला कि एक ही नाम और पते से कई आपराधिक केसों में आरोपियों को जमानती बनकर जमानत दिलाई गई। आधार कार्ड में नाम और पता समान है लेकिन आधार कार्ड नंबर हर केस में अलग-अलग है। न्यायालय ने विजय नाम के उक्त शख्स को कोर्ट में बुलाया और उसे अपना आधार कार्ड मूल रूप से प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन उक्त शख्स अपना मूल आधार कार्ड प्रस्तुत करने में विफल रहा। इसके बाद पड़ताल की तो सामने आया कि उक्त शख्स ने मादक पदार्थ अधिनियम से लेकर कई आपराधिक मामलों में आरोपियों को जमानत दिलवाई।
वर्ष 2013 में भी ऐसा ही मामला सामने आया था
बता दें कि एक गिरोह काफी समय से सक्रिय है। जिस भी केस में आरोपी को जमानती और शिनाख्ती की जरूरत होती है तो ये फर्जी दस्तावेज तैयार रखता है। ये दस्तवेज आरोपियों के वकील द्वारा कोर्ट में प्रस्तुत किए जाते हैं। कोर्ट दस्तावेजों को गंभीरता से चेक न करे तो ये पता ही नहीं चलता कि जमानती और शिनाख्ती असल में वही है जिसके दस्तावेज जमानत पेपर में लगे हैं। वर्ष 2013 में भी इसी प्रकार का एक मामला सामने आया था जिसमें विजय नाम के ही एक शख्स ने सैकड़ों आपराधिक केसों में आरोपियों की जमानत फर्जी दस्तावेजों के जरिए करवाई। उस समय पड़ताल करने पर ऐसे केसों की संख्या 50 से अधिक पाई गई।
इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी इंद्रजीत ग्रोवर को नामजद आरोपी बनाया गया है, इस मामले में जितने भी लोग शामिल होंगे उनको नामजद किया जाएगा। - एसआई राम निवास, थाना प्रभारी, सिविल लाइन।
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