बडागुढ़ा। बडागुढ़ा ब्लॉक समिति के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन के चुनाव में दोनों पदों पर भाजपा समर्थकों का कब्जा रहा। इस दौरान दूसरे पक्ष ने चुनाव में गड़बड़ी की बात कहते हुए काफी हंगामा किया। उन्होंने विरोध जताते हुए दोबारा चुनाव करवाने की मांग की। इन चुनावों में भाजपा समर्थित गांव सुखचैन निवासी मनजीत कौर सरां को चेयरमैन व गुरदेव सिंह को वाइस चेयरमैन चुना गया।
शुक्रवार को खंड कार्यालय में सुबह करीब साढ़े 10 बजे तक पंचायत समिति के 23 सदस्य पहुंच गए। निर्वाचन अधिकारी के रूप से जिला पंचायत अधिकारी राजेश कुमार की उपस्थिति में मॉक पोल किया गया। करीब 1 बजे चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। पहले वाइस चेयरमैन का परिणाम घोषित किया, जिसमें बप्पां निवासी गुरदेव सिंह गुदर ने 12 वोट हासिल कर एक वोट से जीत हासिल की। फिर चेयरमैन पद के वोटों की गिनती शुरू हुई। सुखचैन निवासी मनजीत कौर सरां को 12 वोट तथा उनकी प्रतिद्वंदी गांव झोरडरोही निवासी कुलवंत कौर को 11 वोट मिले। कुलवंत कौर ने गड़बड़ी के आरोप जड़ते हुए दोबारा से चुनाव करवाने की मांग की। दावा किया कि उसके पक्ष में 13 सदस्य हैं, लेकिन उसे 11 ही वोट कैसे मिले। ईवीएम मशीन में गड़बड़ी के भी आरोप जड़े। वोटों की दोबारा गिनती करवाई गई। काफी देर तक कार्यालय में हंगामा चलता रहा है। बाद में 13 पंचायत सदस्य उपायुक्त से मिले और चुनाव दोबारा करवाने की मांग की।
आरोप : समर्थन में 13 सदस्य तो 11 वोट कैसे
चेयरमैन व वाइस चेयरमैन पद के लिए 2-2 उम्मीदवार मैदान में थे। चेयरमैनी के लिए झोरडरोही निवासी कुलवंत कौर व सुखचैन निवासी मनजीत कौर तथा वाइस चेयरमैन पद के लिए बप्पां निवासी गुरदेव सिंह गुदर व साहुवाला प्रथम निवासी अंग्रेज सिंह ने नामांकन भरा। परिणामों में मनजीत कौर को 12 वोट व कुलवंत कौर को 11 वोट मिले। हंगामे के दौरान चुनाव प्रक्रिया के समाप्त होने से पहले ही दस्तावेजों पर हस्ताक्षर न कर हाल से बाहर जाने की कोशिश की। वोटों की गिनती ईवीएम से दोबारा चैक की गई, लेकिन कुलवंत कौर ने इस चुनाव परिणाम को न मानते हुए विरोध जाहिर किया। उन्होंने कहा कि उनके हक में पूरे 13 सदस्य हैं तो उन्हें 11 ही वोट कैसे मिले। आशंका जतायी कि वह किसी राजनीतिक धोखे का शिकार हुई है। कुलवंत कौर ने कालांवाली के पूर्व विधायक पर भी आरोप लगाते हुए भड़ास निकाली।
चुनाव प्रक्रिया बिल्कुल सही तरह से संपन्न करवाई है। कुछ सदस्यों द्वारा विरोध जताए जाने पर हमने गिनती दोबारा भी करवा दी थी। जो बिल्कुल सही निकली। जीत-हार में तो कई बार आरोप-प्रत्यारोप हो ही जाते हैं। हमने अपना कार्य बिल्कुल नियमानुसार करवाया है।
-- राजेश कुमार, डीडीपीओ (चुनाव अधिकारी)।