साइबर ठग ठगी के नए-नए तरीके अपनाते हुए लोगों के खाते साफ कर रहे हैं। एक साइबर ठग ने स्वयं को बैंक कर्मी बोलकर एक अध्यापक के मोबाइल पर लिंक भेजा। जैसे ही लिंक को ओपन किया तो खाते से एक लाख रुपये की राशि निकल गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में ओढां निवासी अध्यापक सतपाल ने बताया कि उसके पास एक व्यक्ति का फोन आया कि वह बैंक से बोल रहा है। आपका केवाईसी खाता पूरा करना है। आपके पास लिंक भेजा जा रहा है जिस पर आप अपनी जानकारी भेज सकते हैं। अध्यापक ने बताया कि उक्त व्यक्ति द्वारा भेजा गया लिंक जैसे ही ओपन किया तो उसके मोबाइल पर खाते से पैसे निकलने के मैसेज आए। ठग ने उसके खाते से 2 बार में 25-25 हजार व एक बार में 50 हजार सहित कुल एक लाख रुपये राशि निकाल ली। ठगी का पता चलने के बाद अध्यापक सतपाल ने एसबीआई बैंक में जाकर अपना खाता लॉक करवाया। अध्यापक के खाते में 2 लाख 8 हजार रुपये की राशि थी। जिसमें से एक लाख 8 हजार रुपये बच गए। अगर अध्यापक सतपाल ने समय रहते खाता लॉक न करवाया होता तो उक्त राशि भी निकाल ली जाती। अध्यापक ने पुलिस विभाग की साइट पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई। जिसके बाद ओढां पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अध्यापक की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अनजान लोगों को फोन पर बैंक संबंधी जानकारी न दें, अनजान लिंक को ओपन न करें और न ही किसी के साथ ओटीपी सांझा करें। ठग जिन नंबरों से फोन करते हैं वो फर्जी आईडी से निकलवाए होते हैं। इसलिए जागरूकता ही बचाव है। -काशीराम बैनीवाल, थाना प्रभारी, ओढां।