तीन दिन पूर्व भी स्टाफ नर्स के दुर्व्यवहार पर एसएमओ ने मानी थी गलती, उच्चअधिकारियों को भेजी जाएगी मामले की रिपोर्ट
ओढां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को ओढां निवासी एक महिला ने एक स्टाफ नर्स पर उसके साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। महिला ने जब मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजी तो एसएमओ ने दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए।
शिकायतकर्ता महिला गांव ओढां निवासी सुमनलता ने बताया कि वह महाविद्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। वह इलाज के लिए सीएचसी में गई थी। इस दौरान वहां पर सुमन रानी नामक स्टाफ नर्स व एक अन्य अस्थायी कर्मचारी ड्यूटी पर थीं। वह अपना मोबाइल देखने में मशगूल थीं। आरोप है कि उपचार के लिए कहने पर स्टाफ नर्स सुमन रानी ने पहले तो उसके पूर्व में चल रहे इलाज पर सवाल उठाया फिर ये कहा कि वह इलाज के बारे में लिखवाना चाहती है तो डॉक्टर के क्वार्टर पर चली जाए।
सुमनलता ने इसकी जानकारी अपने पिता रामप्रताप गोदारा को दी। जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे और स्टाफ से बातचीत की। रामप्रताप ने बताया कि वह इसी अस्पताल से सेवानिवृत्त हुए हैं। अस्पताल की स्टाफ नर्स ने उसके व उसकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने बताया कि 3-4 दिन पूर्व भी उक्त स्टाफ नर्स ने उसकी पत्नी के उपचार के दौरान अभद्र व्यवहार किया था। जिस पर एसएमओ ने स्टाफ नर्स की तरफ से गलती मानते हुए बात को संभाला था। लेकिन उक्त स्टाफ नर्स ने रंजिशवश अब उसकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार किया। दुर्व्यवहार से आहत सुमनलता ने उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी। जिसके बाद सीएचसी के एसएमओ सुमित जैन ने दोनों पक्षों को अस्पताल में बुलाकर मामले बारे जानकारी लेते हुए उनके बयान दर्ज किए।
सुमनलता ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्टाफ नर्स ने उसके व उसके पिता के साथ दुर्व्यवहार किया है। इसलिए उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होनी चाहिए। मरीज तो वैसे ही परेशान होता है और ऊपर से स्टाफ का रवैया और परेशान करता है।
स्टाफ नर्स ने आरोपों को नकारा
स्टाफ नर्स सुमन रानी ने भी अपने बयान दर्ज करवाते हुए लगाए गए आरोपों को नकारा। स्टाफ नर्स ने कहा कि उसने कोई दुर्व्यवहार नहीं किया। वह जांच के लिए तैयार है। उस पर बेवजह आरोप लगाकर उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
स्टाफ नर्स पर अनुचित व्यवहार का आरोप था। जिसके बाद दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। इस मामले में जो भी कोई कार्रवाई है वो उच्चाधिकारी करेंगे। - सुमित जैन, एसएमओ।