जिले में 26 कोरोना मरीजों की मौत ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पीड़ितों की मौत का आंकड़ा 26 पर पहुंचने के बाद बुधवार को मीटिंग की। फैसला लिया गया कि सभी पीएचसी व सीएचसी हर दिन 200 सैंपल लेंगे। साथ ही उन पंचायतों की सूची तैयार की जाएगी जो कि स्वास्थ्य विभाग को सहयोग नहीं कर रहीं।
बता दें कि बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र नैन ने कोविड टीम और अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कोरोना संक्रमित मरीजों के मौत होने के कारणों पर चिंता जाहिर की। कोविड टीम के अधिकारियों ने बताया कि संक्रमित मरीजों की मौत का मुख्य कारण है कि लोग समय पर अपनी जांच नहीं करवा रहे हैं और तबीयत ज्यादा खराब होने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया जाता है, लेकिन उस समय वह कुछ नहीं कर सकते। बैठक में सभी सीएचसी, पीएचसी को सैंपलिंग बढ़ाने के दिए निर्देश देने का निर्णय लिया गया। जिले में 22 पीएचसी और आठ सीएचसी केंद्र हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग टीमों का गठन करके पीएचसी व सीएचसी केंद्रों में भेज दिया है। सभी सीएचसी और पीएचसी में हिदायतें भी जारी की है कि जिले में कोरोना संक्रमण के मामलों के साथ मौत के भी मामले बढ़ने लगे हैं। जिस पर जितनी ज्यादा सैंपलिंग की जाएगी उतने ही लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाया जाएगा। जिसको लेकर सभी को कम से कम 200 सैंपलिंग करनी है। वहीं सिविल सर्जन ने टीमों को हिदायतें भी दी है कि अगर कोई भी समस्या आती है तो वह कोविड टीम को सूचित करें।
सैंपलिंग टीम लिए बाधा बन रहीं ग्राम पंचायतें
एक और स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन कोरोना संक्रमित का शिकार होकर भी लोगों की सैंपलिंग लेने में लगे हुए हैं। दूसरी तरफ गांव की पंचायतें स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही सैंपलिंग में अड़ंगा डालने में लगी हुई है। जिले के गांव की पंचायतें फरमान जारी कर रही है कि वह गांव के कोरोना संक्रमित को सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भी नहीं आने देना चाह रही है। भंगू के बाद सूरतियां गांव की पंचायत ने एक फरमान जारी कर दिया कि गांव में संक्रमित व्यक्ति को पंचायत अपने स्तर पर एकांत में जगह में रखेंगी। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने एक सूची तैयार की है कि जो पंचायत सहयोग नहीं कर रही, उसकी जानकारी प्रशासन को दी जाएगी और लोगों की जांच की जाएगी।
डायरिया भी कोरोना का लक्षण
कोरोना संक्रमित लोगों में अब डायरिया के भी लक्षण आने लगे हैं। जिले में अभी तक मिले संक्रमितों में करीब पांच संक्रमित ऐसे हैं, जिन्हें उल्टी दस्त की शिकायत है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को ऐसे लक्षण है तो वह अपनी जांच करवाएं। जिससे उनका इलाज समय पर हो सके।
कोट
जिले में कोरोना संक्रमण से बढ़ रही मौत को लेकर एक समीक्षा की गई। जिसमें पाया कि शरीर में संक्रमण ज्यादा फैलने पर ही मरीज जांच करवा रहे हैं। जिसके बाद उनकी हालत ज्यादा खराब हो जाती है। अगर वह पहले समय पर इलाज करवा लें तो परेशानी कम होगी। वहीं सभी सीएचसी और पीएचसी पर एक दिन में कम से कम 200 लोगों के सैंपल लिए जाएंगे।
- डॉ. सुरेंद्र नैन, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग सिरसा।