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किसानों के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार ः चौटाला

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किसान सम्मान समारोह में पहुंचे किसानों का अभिवादन करते ऐलनाबाद के पूर्व विधायक चौधरी अभय सिंह च? - फोटो : Sirsa
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इनेलो नेता व पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उनकी रगों में चौधरी देवीलाल का खून है, उनकी नीति को आगे बढ़ाने के लिए वह कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं। किसान आंदोलन के चलते उनके समक्ष दो विकल्प थे। एक किसानों का समर्थन तो दूसरा गद्दी। उन्होंने किसानों के समर्थन के लिए गद्दी को त्याग दिया।
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बुधवार को ऐलनाबाद की अनाजमंडी में किसान मजदूर एकता शक्ति मंच के बैनर तले आयोजित किसान सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने ये विचार व्यक्त किए। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि आंदोलन को पहले से भी कहीं अधिक मजबूत बनाएं। चौटाला ने भाजपा जजपा गठबंधन पर निशाना साधते हुए किसानों से कहा कि वे शपथ लें कि इन दोनों दलों के मंत्रियों और विधायकों को गांवों में नहीं घुसने देंगे। कार्यक्रम के आरंभ में किसान आंदोलन में दौरान शहीद हुए 250 किसानों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इससे पूर्व किसान मजदूर एकता शक्ति मंच के पदाधिकारियों ने उन्हें किसानों की शक्ति के रूप में हल और सम्मान स्वरूप पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
ऐलनाबाद चुनाव में सीखाएं सबक
अभय चौटाला ने कहा कि भविष्य में ऐलनाबाद में उपचुनाव होंगे और वे संगठित होकर अन्य राजनीतिक दलों को सबक सिखाएं। उन पर ऐलनाबाद की जनता का कर्ज है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान स्वयं प्रधानमंत्री ने भी उनके खिलाफ आकर लोगों से वोट मांगे थे मगर ऐलनाबाद की जनता ने उन्हें ही विधायक चुना। उन्हें पूरा भरोसा है कि ऐलनाबाद की जनता एक बार फिर अपने विवेक से उनका ही चयन करेगी ताकि वे हरियाणा विधानसभा में पुन: जाकर किसानों और मतदाताओं की आवाज को बुलंद कर सकें।
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गेहूं व बाजरे पर एमएसपी न देने वाले बहा रहे घड़ियाली आंसू
उन्होंने अन्य राजनीतिक दलों को घेरते हुए कहा कि जो दल स्वयं को किसान हितैषी बताते थे, वे कभी भी टिकरी, गाजीपुर और सिंघू बॉर्डर पर नहीं गए और केवल घड़ियाली आंसू बहाते रहे। मौजूदा सरकार ने किसानों को गेहूं व बाजरे की फसल पर एमएसपी तक नहीं दिया और आज वे किसान हितैषी बनने का ढोंग रच रही हैं। इतना ही नहीं लॉकडाउन के दौरान सैकड़ों मजदूरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लोकतंत्र की बहाली के लिए भाजपा को सत्तामुक्त करने का भी संकल्प लें।
कलाकारों ने भी कृषि कानूनों को रद्द करने की उठाई मांग
कार्यक्रम के दौरान कलाकार मलकीत औलख एवं सोनिया मान ने भी तीनों कृषि कानूनों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। मंच संचालन किसान सुरेंद्र सिद्धू और जगमीत राजेवाला ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर पूनम पंडित, सुरेश खोथ, इनेलो जिलाध्यक्ष कश्मीर सिंह करीवाला, रादौर के पूर्व विधायक श्याम सिंह राणा, इनेलो नेता रवि चौटाला, सुनैना चौटाला, पूर्व मंत्री भागीराम, रणधीर जोधकां, विनोद दड़बी एवं प्रकाश सिंह साहुवाला उपस्थित रहे।
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