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कोरोना की गलत रिपोर्ट मिलने पर मृतक के परिजनों ने दो घंटे निजी अस्पताल में किया हंगामा

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क मरीज की मृत्यु होने की तिथि के बाद कोरोना रिपोर्ट जारी करने के आरोप लगा मरीज के परिजनों ने डबवाली रोड स्थित निजी अस्पताल के बाहर धरना दे दिया। मरीज के परिजनों ने यहां पर दो घंटे तक धरना दिया और फर्जी रिपोर्ट तैयार करने के आरोप लगाए। मामले की सूचना पुलिस तक पहुंची तो जांच के लिए सिटी और सिविल थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों से पूछताछ की। तत्पश्चात ऑनलाइन सही रिपोर्ट निकाल मृतक के परिजनों को सौंप दी। इसके बाद परिजन बिना शिकायत दिए ही चले गए। मामला दो मरीजों का एक जैसा नाम होने के कारण उलझा हुआ था।
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मामला शनिवार को शाम तीन बजे का है। मृतक बलकरण सिंह के बेटे बसंत सिंह ने आरोप लगाया कि वह गांव लकड़ावाली के रहने वाले हैं और बीती तीन मई को वह मेडिसिटी अस्पताल में अपने पिता बलकरण सिंह को लेकर पहुंचे थे। यहां पर डॉक्टर ने जांच करने के पश्चात उन्हें पूनिया कोविड केयर सेंटर में भेज दिया। वहां भी डॉक्टरों की ओर से इलाज किया और 15 मई को तारा बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल में मरीज को रेफर कर दिया। मरीज हालत गंभीर होने के बाद तारा बाबा चैरिटेबल ट्रस्ट अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी और 16 मई अलसुबह उनके पिता की मौत हो गई। जिसके पश्चात गांव में ही उन्होंने अपने पिता का अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन जब उनकी डेथ रिपोर्ट तैयार हुई तो उसमें कोरोना को कोई जानकारी नहीं दी गई। जिसके पश्चात वह निजी अस्पताल में उनके पिता की कोरोना रिपोर्ट लेने के लिए पहुंचते तो डॉक्टर उन्हें एक दिन और दो दिन बाद आने की जानकारी देते रहे। जब उन्होंने नागरिक अस्पताल से पिता की कोरोना रिपोर्ट निकलवाई तो कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट 20 मई की जारी की हुई मिली। जबकि उनके पिता की मौत 16 मई को हुई थी। मृतक के परिजनों ने अस्पताल में बलकरण सिंह के डेथ सर्टिफिकेट में कोरोना रिपोर्ट शामिल करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि कोरोना का इलाज करवाने पर उनका पांच लाख का खर्च आया है।
मृतक के परिजनों ने निकलवाई थी किसी अन्य व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट : पुलिस ने मौके पर आकर मामले की जांच की। जांच में यह पाया गया कि मृतक बलकरण सिंह के परिजन इसी नाम के किसी अन्य व्यक्ति की कोरोना रिपोर्ट लेकर निजी अस्पताल में आए थे। मृतक के परिजनों द्वारा निकलवाई गई कोरोना रिपोर्ट 20 मई की किसी अन्य बलकरण सिंह की थी। मृतक के परिजनों द्वारा हंगामा करने के बाद कर्मचारियों की ओर से ऑनलाइन बलकरण सिंह की जानकारी दर्ज कर कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट निकाली गई तो यह रिपोर्ट 12 मई की पाई गई। जिसके पश्चात मृतक के परिजनों बिना शिकायत दिए मौके से चले गए।
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मृतक के परिजनों ने मामले की कोई शिकायत नहीं दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद मृतकों के परिजन वहां चले गए। -विक्रम सिंह, सिविल थाना प्रभारी, सिरसा
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