सिरसा। पूरे साल भर एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ जिम्मेदारी को निर्वहण नहीं करने वाले अधिकारी अब चालान बुक लेकर बाजारों में उतर चुके हैं। 25 से 50 हजार रुपये के भारी भरकम चालान के साथ हजारों रुपये का सामान जब्त किया जा रहा है। प्रदूषण बोर्ड और नगर परिषद की इस कार्रवाई के खिलाफ पैकेजिंग एंड डिस्पोजल एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है।
150 व्यापारी अपनी दुकानों को बंद कर 15 सिंतबर को सिरसा के सुभाष चौक पर बिगुल बजाएंगे। व्यापारियों का आरोप है कि स्वच्छता अभियान या सरकार का दबाव आने पर ही अधिकारी फील्ड में आते हैं। नगर परिषद के पास एक विशेष टीम होने के बाद भी जागरूकता गतिविधियां शून्य रहती हैं। व्यापारियों ने बताया कि सब्जी मंडी क्षेत्र में पांच माह पहले 20 से 30 थैले बांटे थे। इसके अलावा कागजों में ही कुछ चलाया होगा, धरातल में बाजार में कोई जागरूकता के लिए नहीं आया।
प्रदूषण बोर्ड के जगाने पर ही नगर परिषद की टीमें चालान काटने के लिए आगे आती हैं। नियमानुसार इन दो विभागों के अलावा 30 विभाग ओर हैं, जिनकी यह जिम्मेदारी होती है, लेकिन वह कभी मैदान में नहीं आते हैं। यदि सभी विभागों की संयुक्त टीमें लोगों को एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ जागरूक करें और विकल्प दें। तभी इस सिस्टम को तोड़ा जा सकता है।
साल भर चुप रहने वाले अधिकारी अब मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हरियाणा स्वच्छता अभियान 2025 में अपनी काबिलियत दिखाने के लिए चालान काट रहे हैं। अब पैकेजिंग एंड डिस्पोजल एसोसिएशन ने घोषणा कर दी है कि यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिरसा में नहीं है एक भी फैक्टरी
सिरसा जिले में एकल उपयोग प्लास्टिक बनाने की एक भी फैक्टरी नहीं हैं। सभी फैक्टरी हिसार, पानीपत, सोनीपत, कुंडली व मानेसर आदि है। उन पर कोई रोक आज तक सरकार ने नहीं लगाई है। व्यापारियों के अनुसार हिसार में आलम यह है कि नेताओं की इंडस्ट्रियल एरिया में एक उपयोग प्लास्टिक की फैक्टरियां हैं और उन पर आज तक कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में बाजार में माल बिकेगा ही नहीं तो सभी अपना विकल्प तलाशेंगे।
री-साइकल यूनिट तक नहीं लगा पाए विभाग
प्रशासनिक अधिकारी एकल उपयोग प्लास्टिक का विकल्प खोज नहीं पाए हैं। इसके अलावा री-साइकिलिंग यूनिट तक सिरसा में स्थापित नहीं हो पाई है। यूनिट स्थापित होती है तो बड़े स्तर एकल उपयोग प्लास्टिक की समस्या खत्म होगी। री-साइकिलिंग यूनिट में 235 तरह की सिंगल यूज चीजों को री-साइकल किया जाता है। इससे दाना बनाया जाता है, जो विभिन्न प्रकार के प्लास्टिक के आइटम, प्लास्टिक पाइप व अन्य चीजें बनाने के काम आता है।
यह जानना जरूरी -
शहर में 70 के करीब होलसेल दुकानदार।
जिले में 150 के करीब होलसेल दुकानदार।
जिले में एकल उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग करने वाले 20,000 दुकानदार।
दुकानों, रेहड़ियों और सब्जी मंडी में होता है सर्वाधिक प्रयोग।
यह है व्यापारियों का आरोप
- अधिकारी स्वयं नहीं जानते एकल उपयोग प्लास्टिक में क्या है बैन।
- बाजार में जागरूकता के मद्देनजर कोई अभियान नहीं चलाया जाता।
- एक भी फैक्टरी पर कार्रवाई नहीं की।
- दुकानदारों के साथ बदतमीजी करते हैं और धमकियां देते हैं।
- विकल्प के तौर पर कोई जानकारी या सस्ता मेटीरियल की जानकारी नहीं।
- 200 माइक्रोन का बैग पड़ता है पांच रुपये का। कोई लेने को तैयार नहीं।
- एक भी री-साइकिलिंग यूनिट स्थापित नहीं हुई।
एकल उपयोग प्लास्टिक पर 1,06,500 जुर्माना, 160 किलो जब्तप्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. सुनील श्योराण की अगुवाई में सात चालान किए गए। 1,06,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया और 160 किलो सिंगल यूज जब्त किया गया। उन्होंने बताया कि सरकारी अधिसूचना के अनुसार 120 माइक्रोन से कम प्लास्टिक कैरी बैग, 60 जीएसएम से कम नॉन-वोवन बैग, थर्माकोल सामग्री, प्लास्टिक बर्तन, पतले पीवीसी बैनर, स्टिरर, गुटखा, पान मसाला सैशे एवं रिसाइकल्ड प्लास्टिक कंटेनर प्रतिबंधित हैं। व्यापारी कपड़े, जूट व प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की ओर से प्रमाणित कम्पोस्टेबल बैग का ही प्रयोग करें।
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नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। एकल उपयोग प्लास्टिक के बारे में गाइडलाइन पहले ही जारी हो चुकी है। व्यापारियों को स्वयं बदलाव करना होगा। यदि कोई काम में बांधा डालेगा तो उस पर कार्रवाई जरूर की जाएगी। 120 माइक्रोन से ऊपर के एकल उपयोग प्लास्टिक का प्रयोग व्यापारी कर सकते हैं। भिवानी जैसे शहर में एसोसिएशन ने स्वयं नियम बनाया हुआ है, जो कारगर साबित हुआ है। व्यापारियों को सहयोग करना चाहिए।
- सुनील श्योराण, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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समय समय पर व्यापारियों को जागरूक करने का काम टीमों की ओर से किया जाता है। विशेष रूप से सीटीएल व जेई की अगुवाई में टीमें जागरूकता अभियान चलाती हैं। एकल उपयोग प्लास्टिक बैन है, इसकी सभी को जानकारी हमारी है।
- जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद।
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एकल उपयोग प्लास्टिक फैक्टरी से बनकर आता है, जो सभी बाहर है। हमारी दुकानों पर आकर तानाशाही रवैया अधिकारियों का होता है। 25 से 50 हजार का चालान किए जाते हैं। हजारों का सामान जब्त किया जाता है और इतने का ही नुकसान होता है। कभी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नगर परिषद की टीम जागरूक करने के लिए नहीं आती है और न हीं पूरी जानकारी देती है। सरकार दबाव या अपना टारगेट पूरा करने के कारण व्यापारियों को निशाना बनाया जाता है, जो सरासर गलेत है। केस दर्ज करवाने की धमकियां भी दी जाती है। इसकी के विरोध में तीन दिन पैकेजिंग एंड डिस्पोजल एसोसिएशन के 150 दुकानदार धरने पर रहेंगे।
- सुमित गुप्ता, प्रधान, पैकेजिंग एंड डिस्पोजल एसोसिएशन।