सिरसा। विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की शिकायतों के निवारण को लेकर लोकपाल की नियुक्त की जाती है। कई विश्वविद्यालयों में लोकपाल की नियुक्ति तक नहीं की गई हैं। इन विश्वविद्यालय की सूची हाल ही यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की ओर से जारी की गई है। इन सभी विश्वविद्यालय को यूजीसी की ओर से नोटिस जारी करने का दौर शुरू हो गया है।
यूजीसी की इस सूची में सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) का नाम भी शामिल है। जैसे ही विश्वविद्यालय प्रशासन को लोकपाल नियुक्त की सूची में सीडीएलयू का नाम शामिल होने की सूचना मिली, तो अधिकारियों ने अपना रिकॉर्ड खंगाला। जिसमें विश्वविद्यालय ने सितंबर 2023 में ही लोकपाल नियुक्त की है लेकिन यूजीसी के पास इससे संबंधित रिकॉर्ड को अपडेट नहीं करवाया गया है।
अहम बात यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लोकपाल की नियुक्त की गई है, इस संबंध में विश्वविद्यालय के शिक्षकों से लेकर विद्यार्थियों तक को जानकारी नहीं है। जबकि लोकपाल का सबसे ज्यादा लाभ विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को ही मिलना होता है।
अप्रैल में नियुक्त करना था लोकपाल
यूजीसी की गाइड लाइन के अनुसार अप्रैल 2023 में विश्वविद्यालय में लोकपाल नियुक्त किया जाना था। यूजीसी की जारी सूची के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन ने आठ माह बाद भी लोकपाल नियुक्त नहीं किया है। यूजीसी की ओर से देश भर के कई विश्वविद्यालयों की सूची जारी की गई है। जिनमें अभी तक लोकपाल की नियुक्त नहीं हुई है।
गैर शैक्षिक व शैक्षिक कर्मचारियों की मनमानी पर लगेगी रोक
लोकपाल की नियुक्त से गैर शिक्षक और शैक्षिक कर्मचारियों की मनमानी पर रोक लगती है। विश्वविद्यालय प्रशासन भले ही विद्यार्थियों की सुनवाई न करें, परंतु लोकपाल उनकी समस्याओं की सुनवाई जरूर करता। इतना ही नहीं, लोकपाल के आदेशों को विश्वविद्यालय प्रशासन को भी मानना होता है। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो लोकपाल सीधे राज्यपाल को इस बारे में रिपोर्ट पेश कर सकते हैं।
लोकपाल का यह है कार्य
यूजीसी के निर्देशानुसार शिकायत करने के बावजूद किसी विद्यार्थी को अगर संस्थान की शिकायत निवारण समिति से कोई सहायता नहीं मिल पाती है, तो ऐसी सूरत में वह लोकपाल के पास अपील कर सकता है। विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार, परीक्षा परिणाम, मार्कशीट सहित अन्य समस्याओं की सुनवाई लोकपाल कर सकता है। लोकपाल के आदेशों पर विश्वविद्यालय को प्रशासन को विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करना होगा।
कौन बन सकता है लोकपाल
लोकपाल सेवानिवृत्त कुलपति या फिर 10 साल के अनुभव वाले सेवानिवृत्त प्रोफेसर या पूर्व जिला जज ही लोकपाल बन सकते हैं। लोकपाल की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सितंबर 2023 में प्रो . आरसी कंबोज को लोकपाल नियुक्त किया गया था। यूजीसी की लिस्ट में विश्वविद्यालय का नाम कैसे है, इसकी जानकारी लेकर रिकॉर्ड को अपडेट करवाया जाएगा। -प्रो. आरके बंसल, कुलसचिव, सीडीएलयू