वीरवार को एसएफआई द्वारा चौ. देवी लाल विश्वविद्यालय में भगत सिंह जयंति को लेकर कार्यक्रम एक शाम शहीदों के नाम का आयोजन किया जाना था। जिसको लेकर छात्र संघ ने रोहतक तथा अन्य जिलों से नाटक की पूरी टीमें बुलाई थी। लेकिन सीडीएलयू प्रशासन ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। छात्रों ने कहा कि उन्होंने एक सप्ताह पहले ही वीसी को कार्यक्रम की अनुमति के लिए आवेदन किया था। अनुमति न देने विरोध में छात्रों ने वीसी के खिलाफ नारेबाजी की। सीडीएलयू प्रशासन ने अनुमति ना होने को लेकर कार्यक्रम करने पर रोक लगा दी। कार्यक्रम में भगत सिंह पर एक नाटक भगत सिंह का अंतिम भोज पेश करना था। सीडीएलयू प्रशासन ने चुनावों का कारण बताकर अनुमति देने से मना कर दिया। जिस पर छात्रों ने नारे बाजी करते हुए हर्बल पार्क में ही नाटक करने लगे। जिसको लेकर प्रशासन ने वहां की लाइट बंद कर दी और वहां पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने हुडडा चौकी में इसकी शिकायत दर्ज करवा दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और कार्यक्रम की अनुमति का पत्र मांगने लगे। जिसको लेकर छात्र संघ दिखा नहीं पाए। ऐसे में पुलिस और छात्रों के गहमागहमी भी हुई। शाम सात बजे छात्रों ने मोबाइल की फलेश लाइट में बिना लाऊडस्पीकर कार्यक्रम किया।
वीरवार शाम को एसएफआई छात्र संघ द्वारा भगत सिंह जयंति पर एक नाटक प्रस्तुत किया जाना था। जिसको लेकर छात्र संघ ने अनुमति लेने के लिए कुलपति के पास गए। सभी छात्र तीन घंटे तक बैठे रहे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। छात्र संघ की वाइस प्रेजिडेंट महक ने बताया कि जब वह कुलपति से अनुमति लेने गए तो उस समय वह दूसरे दरवाजे से बाहर निकल गए और उन्हें मिलने नहीं दिया गया। जिसके बाद छात्र संघ के सदस्य उपायुक्त के पास पहुंचे और उपायुक्त के पीए को लिखित में पत्र सौंप दिया। जिस पर सभी छात्र विवि में आकर अपने नाटक की रिहर्सल करने लगे। उसी दौरान वहां पर विवि के सुरक्षाकर्मी आ पहुंचे और उन्होंने कहा कि वह अनुमति दिखाए उसके बाद ही कार्यक्रम होगा। जिस पर विद्यार्थियों ने कहा कि वह उन्हें कुलपति से मिलवा दें उन्हें अनुमति मिल जाएगी। वहां पर मौजूद सुरक्षाकर्मी ने बताया कि हमें उपर से आदेश हैं कि यहां पर नाटक नहीं करने दिया जाए। जिसके कारण अगर उनके पास कोई अनुमति है तो ही वह नाटक प्रस्तुत कर सकते हैं। इस पर विद्यार्थियों तथा सुरक्षाकर्मियों में आपस बहस हो गई। जिसके बाद विद्यार्थियों ने अपनी रिहर्सल शुरू कर दी। उसी दौरान वहां पर पुलिस कर्मी आ पहुंचे और उन्होंने विद्यार्थियों से कार्यक्रम की अनुमति का पत्र मांगा। छात्र संघ के सदस्यों ने पुलिस कर्मियों को कहा कि वह उन्हें कुलपति से मिलवा दें। पुलिसकर्मी वहीं मूक दर्शक बनकर खड़े रहे।
लाइटें रही बंद, फ्लैश लाइट से की रोशनी
हर्बल पार्क में लगी लाइट को भी सीडीएलयू प्रशासन द्वारा बंद कर दिया गया। वहां पर मौजूद दर्शकों ने अपने फोन की फ्लेशलाइट को ऑन कर वहां रोशनी की तथा उसी में पूरे नाटक को दिखाया गया।नाटक देखने के लिए एसएफआई के समर्थन में गर्ल्स हॉस्टल की छात्राएं भी आ गई। इसी बीच गर्ल्स हॉस्टल की वार्डन ने वहां पर आकर सभी लड़कियों को कहा कि वह हॉस्टल में वापिस जाए। वहां मौजूद छात्र संघ की सदस्या छात्रा ने वार्डन को कहा कि उसने फोन पर आपसे अनुमति ली थी। वह अब क्यों लेकर जा रही है। इस पर वार्डन ने कहा कि यह सब मेरी जिम्मेवारी पर हैं इस लिए यहां पर नहीं छोड़ सकती। कुछ ही समय बाद वार्डन सभी लड़कियों को वापिस हॉस्टल में ले गई।
कुलपति जहां भी जाएंगे इनके सामने करूंगा भगत सिंह का नाटक
रोहतक से नाटक प्रस्तुत करने आए डायरेक्टर कृष्ण ने बताया कि वह 2007-08 में कुलपति का एमडीयू रोहतक में शिष्य था। वह उनकी बहुत इज्जत करता था। कृष्ण ने कहा कि वह भगत सिंह के लिए नाटक फ्री में करते हैं। इसका वह कोई पैसा नहीं लेते। अब से वीसी विजय कायत जहां पर भी जाएंगे मैं वहीं पर भगत सिंह का नाटक अवश्य करूंगा।
छात्रों के पास कार्यक्रम की अनुुमति नहीं थी, इसलिए हमने कार्यक्रम करने से रोका, पुलिस में शिकायत दी थी। छात्रों के साथ कोई गहमागहमी नहीं हुई।
हिम्मत सिंह, सिक्योरिटी इंचार्ज, सीडीएलयू।