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सीडीएलयू : कर्मचारी एसोसिएशन में दो फाड़, एक गुट ने चुनाव करवा बनाई कार्यकारिणी, दूसरे गुट का दावा- नहीं हुए चुनाव, कर्मचारियों के नहीं बल्कि स्वयं-भू प्रधान

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सीडीएलयू में हुए चुनाव के बाद प्रमाण पत्र हासिल करते प्रधान। संवाद - फोटो : Sirsa
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सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में कर्मचारी एसोसिएशन को लेकर पशोपेश की स्थिति उत्पन्न हो गई है। एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी और चुनाव को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनी है। एक तरफ कुछ कर्मचारियों ने एक होकर नए सिरे से चुनाव करवाए जाने का दावा कर दिया, वहीं दूसरी ओर पहले से संचालित कार्यकारिणी ने कोई चुनाव नहीं करवाए जाने की बात कही। अधिकारियों ने भी चुनाव करवाए जाने से अनभिज्ञता जाहिर की।
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सीडीएलयू में एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (एनटी) संचालित है। पिछले वर्ष चुनाव हुए थे और रविंद्र सैनी प्रधान हैं। कर्मचारी दो गुटों मे बंटे हुए हैं। कर्मचारियों का एक गुट एक वर्ष की कार्यकारिणी की अवधि बताकर चुनाव करवाए जाने की मांग कर रह था, जबकि मौजूदा कार्यकारिणी का तर्क था कि कार्यकारिणी की अवधि तीन वर्ष की है। कुछ दिन पहले पूर्व प्रधान महेंद्र बैनीवाल के नेतृत्व में एकत्र होकर कर्मचारियों ने नए सिरे से चुनाव करवाए जाने का शेड्यूल तक जारी कर दिया। शेड्यूल अनुसार वीरवार को नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। इसके अनुसार महेंद्र बैनीवाल को प्रधान, जसकरण सिंह को उपप्रधान, ज्योति को महासचिव और राकेश कुमार को संयुक्त सचिव घोषित कर दिया गया। इसके बाद बाकायदा महेंद्र सिंह बैनीवाल की ओर से रजिस्ट्रार सोसायटीज को पत्र लिखकर सूचित भी कर दिया है। साथ ही पत्र में कहा है कि भविष्य में नवनियुक्त कार्यकारिणी को रिकॉर्ड में लेकर अनुमोदन प्रदान करें। महेंद्र बैनीवाल ने बताया कि कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त गया था, इसलिए चुनाव करवाए गए हैं। अब नई कार्यकारिणी का गठन कर दिया गया है।
ये है पूरा विवाद
सीडीएलयू की कर्मचारी एसोसिएशन के पिछले वर्ष चुनाव हुए। पूर्व प्रधान महेंद्र बैनीवाल गुट का कहना है कि एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है इसलिए चुनाव करवाए जाएं। इसके विपरीत मौजूदा प्रधान रविंद्र सैनी ग्रुप का दावा है कि वर्तमान कार्यकारिणी का तीन वर्ष का कार्यकाल है।
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नहीं हुए हैं चुनाव, स्वयं-भू प्रधान घोषित : रविंद्र सैनी
देखिए, एसोसिएशन की कार्यकारिणी की अवधि तीन वर्ष की है। वीरवार को कोई चुनाव नहीं हुए हैं और न ही नई कार्यकारिणी बनी है। जो स्वयं को प्रधान बताते हैं, वे कर्मचारियों के नहीं बल्कि स्वयं-भू प्रधान हैं। वे मनमर्जी से प्रधान बने हैं। -रविंद्र सैनी, प्रधान, नॉन टीचिंग एसोसिएशन, सीडीएलयू।
तीन वर्ष का है कार्यकाल, नए चुनाव की सूचना नहीं : रजिस्ट्रार
कार्यालय के रिकार्ड के अनुसार कर्मचारी एसोसिएशन का कार्यकाल तीन वर्ष का है। नए चुनाव होने और नई कार्यकारिणी बारे कोई अधिकारिक सूचना नहीं है। चुनाव और कार्यकारिणी का एसोसिएशन का अपना विवाद है, वे अपने स्तर पर निपट लेंगे। -डॉ. राजेश बांसल, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू, सिरसा।
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