चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की स्थापना अप्रैल 2003 में हुई थी। जिसे अब करीब 18 वर्ष हो चुके हैं। विश्वविद्यालय के अधीन अब सिरसा और फतेहाबाद के 62 कॉलेज है जिनमें स्नातक व स्नातकोतर कक्षाओं में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे है। विश्वविद्यालय के अधीन यूनिवर्सिटी कॉलेज भी चल रहा है जिसके अंतर्गत कौशल कोर्स करवाएं जाते है।
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय बनने से पहले वर्ष 2000 से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के अधीन कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय चौधरी देवीलाल स्नातकोत्तर रीजनल सेंटर सिरसा के नाम से चल रहा था। वर्ष 2003 में इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। वर्तमान में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में 24 स्नातक व स्नातकोत्तर के कोर्स चल रहे है। इन कोर्सों में करीब 5 हजार विद्यार्थी अपनी पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही 62 कॉलेज विश्वविद्यालय की देखरेख में चल रहे है। विश्वविद्यालय को नेक ग्रेड बी दिया गया है। विश्वविद्यालय में दाखिला प्रक्रिया 2 अगस्त से शुरू होगी, दाखिला लेने के इच्छुक विद्यार्थी सीडीएलयू की वेबसाइट पर जाकर दाखिला संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते है।
विश्वविद्यालय में बीए एलएलबी व साइंस स्ट्रीम में दाखिला लेने के लिए सबसे ज्यादा विद्यार्थी आवेदन करते हैं। बीए एलएलबी की मैरिट सूची करीब जनरल वर्ग के लिए 88 प्रतिशत तक जाती है तो वहीं साइंस स्ट्रीम के लिए भी मेरिट सूची जनरल वर्ग के लिए 80 प्रतिशत तक रहती है। इसी के साथ विद्यार्थियों को रुझान यूनिवर्सिटी कॉलेज की ओर भी होने लगा है।
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2021-22 के ऑनलाइन दाखिले प्रक्रिया 2 अगस्त से शुरू होगी। विद्यार्थी 23 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। दाखिलों के लिए पहली काउंसिलिंग 25 अगस्त व दूसरी 28 अगस्त को की जाएगी। जिसके बाद 6 सितंबर से नए सेमेस्टर की कक्षाएं प्रारंभ हो जाएगी। विद्यार्थी दाखिले से संबंधित जानकारी विश्वविद्यालय के वेबसाइट से प्राप्त कर सकता है।
नए सत्र के दाखिलों के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा। वहीं कैंपस में एकेडमिक कल्चर डिवलेप कर रहे है। विश्वविद्यालय में 6 नए कोर्स लाने पर विचार चल रहा है। -प्रो. अजमेर सिंह मलिक, कुलपति चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा।