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एमएससी के छात्रों ने परीक्षा सुपरवाइजर पर शौच जाने की अनुमति न देने का लगाया आरोप, सुपरवाइजर बोले शिकायत झूठी

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सीडीएलयू में सोमवार को एमएससी गणित पांचवें सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने परीक्षा सुपरवाइजर पर शौच जाने की अनुमति न देने व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाया है। विद्यार्थियों ने गेस्ट प्राध्यापक के खिलाफ परीक्षा नियंत्रक को शिकायत सौंपी है। वहीं संबंधित परीक्षा सुपरवाइजर ने इस शिकायत को झूठी बताया।
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परीक्षार्थी सुमित, संदीप, भारती, कविता, मंजीत, पूजा, सुचित्रा, धर्मेंद्र, अमनदीप, राजेश की हस्ताक्षरयुक्त शिकायत अनुसार एमएससी गणित पांचवें सेमेस्टर की रीयल एनालाइसिस के पेपर कमरा नंबर 219 में ड्यूटी पर तैनात परीक्षा सुपरवाइजर द्वारा गलत व्यवहार किया गया। साढ़े नौ बजे से साढ़े 12 बजे के बीच विद्यार्थियों को शौच करने की अनुमति नहीं दी गई। बार बार शौच जाने की अनुमति मांगने पर विद्यार्थियों से दुर्व्यवहार किया गया। कुछ विद्यार्थी इस कारण अपना पेपर बीच में ही छोड़कर चले गए। इसलिए स्वास्थ्य व मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने वाले प्राध्यापक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
छात्र का आरोप, प्राध्यापक ने कक्षा में ही पैंट उतारने के लिए कहा
वहीं एमएससी गणित पांचवें सेमेस्टर के एक छात्र ने शिकायत दी है कि परीक्षा के दौरान परीक्षा सुपरवाइजर ने नकल की पर्ची होने के शक में उसके साथ गलत व्यवहार किया। परीक्षा सुपरवाइजर ने उसे खड़ा कर दिया। पहले जूते उतरवाए, फिर स्वेटर उतरवा दी। स्वेटर उतरवाने के बाद परीक्षा सुपरवाइजर ने पैंट उतारने के लिए कहा। लेकिन उसने मना कर दिया। उसको मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। छात्र ने आधे समय बाद परीक्षा सुपरवाइजर से 11 बजकर पांच मिनट पर शौच जाने की अनुमति मांगी तो उन्होंने इसकी अनुमति नहीं दी। छात्र को ज्यादा परेशानी होने लगी तो कुछ समय बाद फिर से उसने अनुमति मांगी, लेकिन परीक्षा सुपरवाइजर ने उसे डांट कर बैठा दिया। लेकिन स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर वह अपना पेपर बीच में ही छोड़कर बाहर आ गया। छात्र ने परीक्षा सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई के लिए परीक्षा नियंत्रक सुलतान सिंह को शिकायत सौंपी है।
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वहीं परीक्षा सुपरवाइजर ने कहा कि कुछ दिनों पहले परीक्षा से संबंधित मीटिंग में निर्देश थे बच्चों को परीक्षा शुरू होने से पहले ही शौच के लिए चले जाने को कहा जाए। परीक्षा शुरू होने से पहले बच्चों को ये निर्देश बता दिए गए थे। परीक्षा के दौरान डिप्टी सुपरिंटेंडेंट आए थे और उन्होंने परीक्षार्थियों को शौच जाने की आज्ञा देने की बात कही। इसलिए उन्हें शौच जाने से रोका नहीं गया। एक छात्र पर नकल का शक था, इसलिए उसके केवल जूते उतार कर चेक किए गए। न तो उसकी जैकेट उतरवाई गई। बल्कि जब उसके जूते उतार कर चेक करवाए गए तो वह छात्र खुद ही कहने लगा कि पैंट भी उतार देता हूं। छात्र के आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं।
बीकॉम का इनकम टैक्स एेंड लॉ प्रेक्टिस का पेपर रद्द
चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले सभी कॉलेजों के बी-कॉम द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों की सोमवार को होने वाली परीक्षा रद्द कर दी। यह परीक्षा अगले कुछ दिनों बाद आयोजित की जाएगी। दोपहर दो बजे बी-कॉम द्वितीय वर्ष के तीसरे सेमेस्टर के विद्यार्थी परीक्षा केंद्र पहुंचे तो उन्हें सूचना मिली कि उनका इनकम टैक्स एंड लॉ प्रेक्टिस की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। करीब एक बजे कॉलेज गेट में एंट्री लेनी शुरू कर दी। लेकिन करीब एक बजे कॉलेज प्रशासन को सीडीएलयू से सूचना भेजी गई कि बीकॉम द्वितीय वर्ष की कक्षा के विद्यार्थियों की परीक्षा रद्द कर दी है। इसलिए पेपर न खोले जाएं। जिसके बाद सभी सेंटर अधीक्षक ने बीकॉम के विद्यार्थियों की परीक्षा रद्द होने का नोटिस जारी कर दिया। जिसके बाद अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों की तो परीक्षा हुई। लेकिन बीकॉम विद्यार्थियों को बिना परीक्षा दिए ही घर लौटना पड़ा।
पेपर लीक होने की कोई बात नहीं है। प्रशासनिक कारणों के कारण पेपर रद्द किया गया है। जल्द ही पेपर की नई तारीख दी जाएगी। छात्रों ने जो शिकायत दी है, उसकी जांच की जाएगी।
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- सुलतान सिंह, परीक्षा नियंत्रक, सीडीएलयू।
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