सीडीएलयू की परीक्षा शाखा ने पेपर चेकिंग में कोताही बरतने वाले एक एग्जामिनर से भविष्य में पेपर चेक नहीं करवाने का फैसला लिया है। इसके लिए परीक्षा शाखा ने फाइल चला दी है। फाइल वीसी कार्यालय में पहुंच गई है। मामला नेशनल कॉलेज के बीए छठे सेमेस्टर में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विषय की मार्किंग का है।
सीडीएलयू ने बीए छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं दिसंबर 2018 में आयोजित की गई थी। कुछ महीने बाद स्नातक की छठे सेमेस्टर की परीक्षाओं का रिजल्ट निकाला गया। लेकिन जब रिजल्ट निकाला गया तो नेशनल कॉलेज के बीए पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के विद्यार्थियों ने पेपर चेकिंग में कम अंक देकर फेल करने का आरोप लगाया और सीडीएलयू में प्रदर्शन किया। छात्रों की शिकायत पर परीक्षा शाखा ने एक तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया। तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी जांच में पाया कि दो एग्जामिनर के पास पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के पेपर चेक होने के लिए बंडल गए थे। एक एग्जामिनर ने 200 में से 176 विद्यार्थियों को पास कर दिया। जबकि दूसरे एग्जामिनर ने 200 में से 174 विद्यार्थियों को फेल कर दिया। तीन सदस्यीय जांच कमेटी में से दो ने अपनी रिपोर्ट में पेपर चेकिंग के दौरान एग्जामिनर द्वारा कोताही बरतने की रिपोर्ट दी। जबकि एक सदस्य ने इसे ठीक बताया। कमेटी की रिपोर्ट के बाद सीडीएलयू ने छठे सेमेस्टर के पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के पेपर का ईवेल्युएशन करवाया तो फेल हुए 174 विद्यार्थियों में से 100 से ज्यादा पास हो गए। ऐसे में सीडीएलयू की परीक्षा शाखा ने पेपर चेकिंग में कोताही बरतने वाले एग्जामिनर को डिपार्चर करने का फैसला लिया है। परीक्षा शाखा ने इसके लिए फाइल वीसी कार्यालय में भेज दी है।
जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद एग्जामिनर को डिपार्चर करने के लिए फाइल चला दी गई है। फाइल वीसी कार्यालय भेज दी गई है। ताकि एग्जानिर आगे से पेपर चेकिंग में भागीदारी न करें।
- प्रोफेसर सुलतान सिंह, परीक्षा नियंत्रक, सीडीएलयू सिरसा।