चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अब एक ऐसा ही वाकया सामने आया है जिसमें विद्यार्थियों के पेपर चेक किए बिना ही उनके जीरो अंक लगा दिए। इसका खुलासा तब हुआ जब छात्रों ने विश्वविद्यालय से आरटीआई के जरिए उत्तरपुस्तिकाओं की डुप्लीकेट कॉपी निकलवाई।
अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को देखकर विद्यार्थी उस समय हैरान हो गए जब उन्होंने देखा की पेपर में एक भी पेज जांचे बिना उनको जीरो अंक दे रखे हैं जबकि विद्यार्थियों का दावा है कि यह उत्तर पुस्तिकाएं उन्होंने उस विषय के प्रोफेसर्स को भी दिखाई है वे भी यह मानते हैं कि अगर पेपर सही तरीके से जांच होता तो वे फेल नहीं हो सकते थे।
छात्रों का कहना है कि सीडीएलयू ने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने लापरवाही से पेपर चेक करने वाले शिक्षक पर कार्रवाई की मांग की है।
दोनों छात्र सीडीएलयू के अंडर नेशनल कॉलेज में बीकॉम प्रथम के छात्र हैं। उन्होंने दूसरे सेमेस्टर में माइक्रो इकोनॉमिक्स का पेपर दिया था।
छात्रों का कहना है कि उनका पेपर बेहद अच्छा हुआ था और उन्हे पास होने की पूरी उम्मीद थी मगर जब रिजल्ट आया तो उनको विश्वास नहीं हुआ कि उनके जीरों अंक आ सकते हैं इसके लिए उन्होंने आरटीआई के जरिए उत्तर पुस्तिका निकलवाई जिसमें पता चला की पेपर चेक करने में घोर लापरवाही बरती गई है।
नहीं किए पेज चेक
उत्तर पुस्तिकाओं को देखने पर पता लगा है कि शिक्षक किस प्रकार लापरवाही से पेपर चेक करते हुए विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं।
उत्तर पुस्तिका में साफ देखा जा सकता है कि शिक्षक ने बिना चेक किए ही पूरी उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन किए बिना ही जीरो अंक चढ़ा दिए।
शिक्षकों की लापरवाही से विद्यार्थियों की मेहनत तो बेकार जाती ही है साथ ही उनका मनोबल भी टूटता है। उसके इलावा रिअव्यूलेशन करते समय पैसा और समय दोनों की बर्बादी होती है।
पुन: मूल्यांकन विधि अपनाएं छात्र : आगमकर
सीडीएलयू की ओर से एलिजिबल शिक्षकों से ही उत्तर पुस्तिकाओं की जांच करवाई जाती है। इसके बाद को-ऑर्डिनेटर दोबारा से इन उत्तर पुस्तिकाओं की रैनडमली जांच करता है।
इसके बाद जो भी उत्तर पुस्तिकाओं के अंक होते हैं उसके हिसाब से रिजल्ट निकाला जाता है। विद्यार्थी अपनी समस्या को लेकर उनके पास आए थे। विद्यार्थी पुनर्मूल्यांकन विधि से पेपर की दोबारा जांच करवा सकते हैं। डॉ. प्रवीण आगमकर, परीक्षा नियंत्रक, सीडीएलयू