चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में शहीदों के कार्यक्रम की अनुमति न देने और चित्र पर पुष्प अर्पित करने को वीसी कार्यालय के अंदर कुलपति अजमेर सिंह मलिक और एबीवीपी के पदाधिकारी छात्रों में बहस हो गई। बात तब बिगड़ गई, जब एबीवीपी के पदाधिकारियों ने वीसी के टेबल पर हाथ मार दिया। वीसी ने पदाधिकारियों के ऐसे व्यवहार पर उन्हें बाहर जाने के लिए कहा, जिसके पश्चात छात्रों ने कुलपति की गाड़ी के समक्ष धरना दे दिया।
इस दौरान छात्रों ने रोष में आकर कुलपति कार्यालय के गेट के समक्ष पुतला फूंकने का प्रयास किया तो सिक्योरिटी इंचार्ज हिम्मत सिंह और एबीवीपी के पदाधिकारियों के बीच हाथापाई हो गई। बाद में छात्रों ने मुख्य गेट पर कुलपति का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी।
बुधवार को दोपहर तीन बजे एबीवीपी के पदाधिकारी छात्र साहिल कागड़ा के साथ अन्य पदाधिकारी शहीद भगत सिंह की फोटो पर पुष्प अर्पित करवाने को लेकर कुलपति कार्यालय में पहुंचे। एबीवीपी के पदाधिकारियों का दावा है कि हमने वीसी को पुष्प अर्पित करने के लिए कहा। वीसी ने कहा कि वे कल क्यों नहीं आए। वे पूरा दिन विश्वविद्यालय में ही थे और शहीदों की फोटो इस तरह लेकर क्यों घूम रहे हो। इसी बीच एबीवीपी के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें मल्टीपर्पज हाल में कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं दी गई। जबकि व्हाइट फ्लेग को कार्यक्रम की अनुमति दी गई। इन दोनों मुद्दों को लेकर वीसी के साथ एबीवीपी की बहस शुरू हो गई। तभी छात्र नेता सुमित ने वीसी की टेबल पर हाथ मार दिया। वीसी ने इस पर आपत्ति जताई। वीसी ने दोबारा ऐसा न करने के लिए कहा, लेकिन सुमित ने दूसरी बार फिर से टेबल पर हाथ मार दिया। इस पर वीसी ने सिक्योटिरी गार्ड को बुलाकर एबीवीपी पदाधिकारियों को बाहर ले जाने के लिए कहा। कुलपति कार्यालय से बाहर निकलने के बाद छात्रों ने कुलपति की गाड़ी के समक्ष धरना दे दिया और आधे घंटे बैठकर नारेबाजी की।
कुलपति का पुतला फूंकने पर सिक्योरिटी इंचार्ज से हुई हाथापाई
एबीवीपी पदाधिकारियों ने प्रदर्शन करते हुए कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक का पुतला तैयार कर लिया। कुलपति कार्यालय के समक्ष फूंकने का प्रयास किया तो सिक्योरिटी इंचार्ज हिम्मत सिंह भी सुरक्षा कर्मियों को लेकर मौके पर पहुंच गए। इंचार्ज ने पदाधिकारियों के हाथ से पुतला छीनने का प्रयास किया तो पदाधिकारी छात्र भड़क उठे। ऐसे में छात्र और सिक्योरिटी इंचार्ज में हाथापाई होनी शुरू हो गई। काफी समय तक पुतला छीनने के लिए सिक्योरिटी इंचार्ज प्रयास करता रहा, छात्र उग्र हो गए। छात्रों ने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करना भी शुरू कर दिया। कर्मचारियों के समझाने के बाद छात्र शांत हुए और सीडीएलयू के बाईपास रोड के गेट पर प्रदर्शन करते हुए पहुंच गए। एबीवीपी के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन करते हुए कुलपति का पुतला फूंक दिया।
कुलपति की गाड़ी के आगे छात्रों ने दिया धरना
छात्रों की कुलपति से बहस होने के बाद छात्रों ने कुलपति की गाड़ी के समक्ष धरना दे दिया। हालांकि गाड़ी में कुलपति नहीं थे। छात्र करीब आधे घंटे तक प्रदर्शन करते रहे। छात्र रोहित शर्मा, सुरेंद्र, सुमित मेहता, सौरभ, अनुज और मोहित शर्मा ने आरोप लगाते हुए कहा कि कुलपति विद्यार्थियों के साथ भेदभाव कर रहा है। उन्होंने कहा कि शहीदी दिवस पर एबीवीपी संगठन की ओर से विश्वविद्यालय में रक्तदान शिविर लगाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन कुलपति ने उन्हें अनुमति नहीं दी। हमने 18 मार्च को आवेदन किया था। जबकि दूसरे संगठन ने 22 मार्च को आवेदन किया था। वहीं, व्हाइट फ्लेग संगठन के प्रधान सुमित मईया ने कहा कि उनके संगठन ने 18 मार्च को सुबह नौ बजे एस्टेट कार्यालय के पास आवेदन किया था।
वर्जन
एबीवीपी के छात्रों ने कार्यालय में आकर बदतमीजी की। टेबल पर हाथ मारा। मैंने इन्हें कार्यक्रम के लिए आवेदन एस्टेट कार्यालय में देने के लिए कहा था। दूसरे संगठन ने आवेदन एस्टेट कार्यालय में किया। मेरे पास वहां से फाइल आई, तब मैंने हस्ताक्षर किए। शहीदों की प्रतिमा लेकर फोटो खिंचवाने के लिए आए थे। एक छात्र ने टेबल पर बार बार हाथ मारा। ऐसे व्यवहार को देखकर मैनें सुरक्षा कर्मचारियों को बुलाकर इन्हें बाहर जाने के लिए कहा। कुछ आउट साइडर विश्वविद्यालय के माहौल को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। इसलिए ऐसे आउट साइडर पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
- अजमेर सिंह मलिक, वीसी, सीडीएलयू।