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सीसीआई नहीं कर रही पुराने नरमे की खरीद, किसानों को भेजा वापस

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सीसीआई कार्यालय में कागजात जमा करवाते किसान। - फोटो : Sirsa
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जिले में सीसीआई (कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) द्वारा नरमे की खरीद की जा रही है। जिसमें किसान अपनी पिछले साल की फसल लेकर मंडी में पहुंच रहे हैं। कपास मंडी में मौजूद अधिकारी अब किसानों की ट्राली से नरमा उतरवाकर जांच कर रहे हैं कि किसान कहीं पुरानी फसल तो नहीं लेकर आ रहे हैं। अगर किसी किसान की फसल पिछले साल की है तो उसे वापस भेजा जा रहा है। लेकिन किसानों के सामने अब यह परेशानी हो गई है कि वह अपने पिछले साल की फसल कहां पर बेचें। जिले में अभी तक 2010 क्विंटल नरमे की खरीद कर ली है। वहीं मूंग की फसल को लेकर किसानों के टोकन कटने के बावजूद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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सीसीआई द्वारा नरमे की न्यूनतम मूल्य पर खरीद शुरू कर दी गई है लेकिन किसानों से पिछले साल का नरमा नहीं ले रही है। कुछ किसान अपनी पिछले साल की नरमे की फसल मंडी में लेकर आ रहे हैं। शुरूआती दिनों में कपास मंडी से टोकन कटने के बाद किसान अपनी फसल फैक्टरी में ले जाता है जहां नरमा उतारते समय देखा गया कि किसान की फसल पुरानी है, जिस पर उन्हें फैक्टरी से वापस भेज दिया गया। अब तक करीब पांच से छह किसानों की फसल पुरानी होने के कारण वापस भेजा जा चुका है। जिसके बाद फैक्टरी में बैठे सीसीआई कर्मचारियों ने कपास मंडी स्थित सीसीआई कार्यालय में इसकी सूचना दी। जहां अधिकारी अब किसानों द्वारा लाए गए नरमे में से कपास मंडी में ही जांच करते हैं और उसके बाद ही किसान का टोकन काट उसे फैक्टरी में भेजा जा रहा है। वीरवार को दो किसान अपनी पुरानी फसल लेकर मंडी में पहुंचे जहां जांच के बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। वहीं इस पर अधिकारियों का कहना है कि वह इसी साल के नरमे की फसल खरीदेंगे, जबकि किसानों के सामने यह समस्या है कि वह अपनी पिछले साल की रखी फसल को कहां पर बेचें। अब तक जिले में 4828 क्विंटल नरमा खरीदा जा चुका है। जिसमें 2818 क्विंटल नरमा निजी व्यापारियों ने किसानों से खरीदा तो वहीं 2010 क्विंटल नरमा किसानों ने सीसीआई में बेच दिया है। वहीं धान को लेकर सिरसा अनाज मंडी के अंतर्गत चार मंडियां बनाई गई है। जिसमें दो मंडियां मल्लेकां और भावदीन में अभी तक धान बिलकुल भी नहीं पहुंचा है। जबकि अन्य दो मंडियों सिरसा और दड़बी में 7305 क्विंटल धान आ गया है। जिसमें धान की किस्म 1509 की 3985 क्विंटल खरीद हो गई है और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले धान की खरीद केवल 3320 क्विंटल हुई है।
ऑनलाइन पंजीकरण को पोर्टल हुआ बंद
किसानों को नरमे की फसल को सरकारी रेट पर बेचने के लिए सीसीआई कार्यालय में ऑनलाइन पंजीकरण की एक कॉपी जमा करवानी होती है। लेकिन बीते कुुछ दिनों से ऑनलाइन पोर्टल बंद पड़ा है। जिस बाबत मुख्यालय ने मार्केट कमेटी सचिव से जानकारी मांगी कि किसानों को शेड्यूल कैसे बन रहा है। जिस पर मार्केट कमेटी सचिव ने बताया कि पोर्टल न चलने को लेकर किसान अपना न ही तो फसल बेचने का समय ले पा रहे हैं और सीसीआई में भी कॉपी जमा नहीं हो रही है। जिस पर मुख्यालय ने आदेश दिए कि किसान के फोन नंबर लिखें और उससे ओटीपी लेकर उसका टोकन काट दिया जाए।
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मूंग की फसल लेकर आया किसान परेशान
अनाज मंडी सिरसा में लुदेसर का किसान मदन अपनी मूंग की फसल लेकर सुबह करीब नौ बजे मंडी में आया। लेकिन किसान की फसल दोपहर तीन बजे तक भी नहीं खरीदी गई। किसान मदन ने बताया कि उसके पास बुधवार रात को 12 क्विंटल मूंग की फसल लेकर आने का मैसेज आया। जिस पर वह अपनी नौ क्विंटल फसल लेकर मंडी में आ गया। वह किराये की गाड़ी लेकर आया है, लेकिन दोपहर तक उसकी फसल नहीं खरीदी गई। जिससे उसको परेशानी हो रही है। जिस पर किसान मार्केट कमेटी सचिव के पास पहुंचा, जहां सचिव ने खरीद एजेंसी के कर्मचारियों को मौके पर बुलाया और बताया कि अगर उन्हें खरीद करनी है तो वह सुबह ही मंडी में आए और फसल की नमी जांचे। अगर कोई फसल रद्द करनी है तो सुबह ही किसान को बोल दें। जिस पर किसान को परेशानी न हो।
कोट
जो किसान पुराना नरमा लेकर आ रहे हैं, उन्हें व्यापारियों को ही अपना नरमा बेचना होगा। क्योंकि इस बार केवल इसी साल की फसल खरीद ऑनलाइन पोर्टल द्वारा की जाएगी। अगर कोई किसान लेकर आता है तो उसे वापस भेज दिया जाएगा।
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-विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव, सिरसा।

नरमे की नमी के साथ फसल की जांच करते सीसीआई अधिकारी।- फोटो : Sirsa

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