सिरसा। साइबर क्राइम के मामले में गांव नुहियांवाली पिछले काफी समय से सुर्खियों में है। फरीदाबाद की साइबर सेल थाना पुलिस रविवार दूसरे दिन भी गांव में डटी रही। वहीं पुलिस की इस कार्रवाई के चलते इस धंधे में संलिप्त गांव के अन्य युवक मोबाइल फोन बंद कर भूमिगत हो गए हैं।
रविवार अलसुबह पुलिस टीम, जिसमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थी ने गौरीशंकर नामक युवक के घर में दबिश दी। शनिवार देर रात तक भी पुलिस गांव में गौरीशंकर की तलाश में बैठी रही, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। इस दौरान पुलिस ने गांव ओढ़ां में दुकान करने वाले नुहियांवाली निवासी युवक राजवीर को हिरासत में ले लिया। राजवीर ने पूछताछ में गौरीशंकर का नाम लिया तो पुलिस उसके घर पहुंची। जब टीम पहुंची तो वह और उसका पिता दोनों ही घर पर नहीं मिले और उनके फोन भी बंद पाए गए।
बताया जा रहा है कि राजवीर के खाते को गौरीशंकर ने ऑपरेट करते हुए उसमें मोटी राशि की ट्रांजेक्शन की। पुलिस के मुताबिक इस फ्रॉड में गौरीशंकर का नाम मुख्य रूप से सामने आ रहा है। गौरीशंकर की गिरफ्तारी के लिए फरीदाबाद पुलिस लगातार उसके घर व संभावित ठिकानों पर दबिश देने के अलावा उसकी मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस करने में लगी हुई है। गौरीशंकर के यहां रेड के बाद पुलिस ने गांव में 4-5 अन्य युवकों के घर भी अलसुबह के समय रेड की। लेकिन पुलिस के गांव में पहुंचने की सूचना के बाद से ही इस धंधे में संलिप्त युवक शनिवार से ही भूमिगत हो गए।
सूत्रों के मुताबिक खातों के फ्रॉड मामले में सामने आया है कि इसमें शातिर लोग गांव के बेरोजगार युवकों को पैसे का लालच देकर उनके खातों के दस्तावेज लेकर उन्हें स्वयं ऑपरेट करते हैं। जिनमें करोड़ों रुपये के काले धन का लेनदेन करते हैं। बताया गया है कि साइबर पुलिस द्वारा राजवीर को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। वहीं ओढ़ां निवासी एक अन्य युवक को भी हिरासत में लेने की सूचना मिल रही है। ओढां थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि मामले साइबर क्राइम से जुड़े हुए हैं इसलिए साइबर पुलिस ही कार्रवाई कर रही है।