दिव्यांग के प्रमाणपत्र बनवाकर समाज कल्याण विभाग से पेंशन लेने मामले में पुलिस ने 16 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की ओर से फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र बनाकर पेंशन ली जा रही थी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तचर विभाग के आदेश पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
सीएम फ्लाइंग के उपनिरीक्षक राजेश कुमार ने इस मामले की जांच की। पुलिस विभाग को शिकायत मिली थी कि गांव बीरूवाला गुढ़ा में कुछ लोगों के फर्जी तरीके से झूठे विकलांग प्रमाणपत्र बनवाए गए। इन प्रमाण पत्रों के बारे में समाज कल्याण विभाग की ओर से सिविल सर्जन कार्यालय को जांच के लिए भेजे, जहां उक्त प्रमाण् ापत्र तसदीक करवाए गए। इस माले में जांच करते हुए सिविल सर्जन कार्यालय में उक्त निशक्तता मेडिकल प्रमाण पत्रों का कोई रिकार्ड नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मोहर व हस्ताक्षर फर्जी बताए गए। जिसके बाद समाज कल्याण विभाग की ओर से गुरलाल निवासी मल्लेवाला, बग्गा सिंह निवासी बीरूवाला गुढ़ा, प्रविंद्र सिंह उर्फ पम्मा वार्ड ऐलनाबाद ने मोहन लाल, बग्गा सिंह, जग्गा सिंह, काकादीन, भोला सिंह, सुखप्रीत कौर निवासी बीरूवाला गुढ़ा को नागरिक अस्पताल में बुलाकर फर्जी निशक्तता प्रमाणपत्र बनाए। इसके अलावा सुनील उर्फ सन्नियां निवासी छतरिया ने अपने पिता वजीर सिंह को, गुरलाल, बग्गा सिंह, प्रविंद्र सिंह ने जग्गा सिंह, गुरतेज सिंह, जसमैल कौर, शिमला देवी, सोहन सिंह निवासी बीरूवाला गुढ़ा के फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए। इसके आलवा सुनील ने भजन लाल निवासी छतरियां का फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर उसे निशक्तता पेंशन दिलवाने की कोशिश की। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इसकी जांच हुडा चौकी प्रभारी को सौंपी गई है।