अदालत के आदेश पर पुलिस ने वर्ष 2000 से 2002 तक रानियां हलके के तत्कालीन तहसीलदार, कानूनगो व नगराना पटवारी अधिकारियों सहित छह लोगों के खिलाफ केस धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
न्यायाधीश संतोष बिशभनोई की अदालत ने यह आदेश द सिरसा सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक रानियां के मैनेजर संत सिंह की याचिका पर दिए है। बैंक मैनेजर के अनुसार रानियां निवासी बलविंद्र कंबोज ने बैंक से 50 हजार रुपये लोन लिया था। गारंटी के तौर पर गांव नगराना निवासी सुबेग सिंह ने अपने साइन किये थे।
बलविंद्र कंबोज ने लोन वापस नहीं भरा और सुबेग सिंह ने गारंट वाली जमींन हलका पटवारी, कानूनगो रानियां व तहसीलदार के साथ मिलकर फर्जी कागजात तैयार करके बेच दी।
उक्त फर्जीवाड़ा वर्ष 2000 से 2002 के बीच हुआ। बैंक मैनेजर संत सिंह ने ऐलनाबाद कोर्ट में उक्त आरोपियों के खिलाफ इस्तगासा दायर कर दिया। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने रानियां पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए।
लिस ने तत्कालीन तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी सहित सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 420/467/471/120बी के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच अधिकारी एसआई जगबीर सिंह ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है जल्द ही सभी आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे।