बडागुढ़ा। खंड शिक्षा अधिकारी मनीषा निदिपा बडागुढ़ा के खिलाफ रोड़ी थाने में एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। ये कार्रवाई गांव मलड़ी के सरकारी स्कूल में कार्यरत एक जेबीटी अध्यापक की शिकायत पर हुई है। मामले की जांच एएसपी दीप्ति गर्ग करेंगी।
अपनी शिकायत में गांव मलड़ी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत जेबीटी अध्यापक जयवीर ने बताया कि 1 फरवरी को स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहा था। तभी खंड शिक्षा अधिकारी मनीषा निदिपा ने स्कूल का दौरा किया। इस दौरान बीईओ ने उनसे सवाल किया कि वे 3 कक्षाओं को इकट्ठा क्यों पढ़ा रहे हैं, जिस पर उसने जवाब दिया कि वे स्कूल इंचार्ज के आदेश पर ही ऐसा कर रहे हैं। फिर बीईओ ने उनसे इनवर्टर व बैटरी के बारे में सवाल किया तो उसने जवाब दिया कि ये काम इंचार्ज के अंतर्गत आता है।
आरोप है कि ये सुनकर बीईओ मनीषा तैश में आ गईं और उन्होंने उस पर जातिगत टिप्पणी की। शिकायतकर्ता ने कहा कि फिर बीईओ ने कक्षा में लगे चार्ट के बारे में पूछा कि इतने सुंदर चार्ट किसने बनाए हैं। जिस पर जब उसने स्वयं बनाने का उत्तर दिया तो बीईओ ने फिर से स्टाफ के सामने उसके बारे में गलत टिप्पणी की। अध्यापक का आरोप है कि इस दौरान बीईओ ने उसे जातिसूचक गालियां भी दीं। जिसके बाद उसने इस बारे में रोड़ी थाना में शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने पर उसने अधिवक्ता की मार्फत गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, एडीजीपी हिसार, एसपी सिरसा व रोड़ी थाना प्रभारी सहित अन्य अधिकारियों को शिकायत भेजी। जिसके बाद रोड़ी पुलिस ने मामला दर्ज किया।
थाना प्रभारी रामचंद्र ने बताया कि इस संबंध में बीईओ के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट की धारा 4 तथा आईपीसी की धारा 217, 219, 166 के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच एएसपी दीप्ति गर्ग करेंगी।
आरोप गलत, हर तरह की जांच के लिए तैयार
स्कूल का निरीक्षण के लिए गई थी। मुझे कुछ कमियां लगीं तो मैंने अध्यापक को निर्देश जरूर दिए थे। उस समय मेरे साथ रमेश कुमार, क्लर्क राजपाल कौर, एबीआरसी नीरज राणा व जेबीटी शेलेंद्र ढाका सहित अन्य लोग भी थे। आप उनसे भी पूछ सकते हैं। उक्त अध्यापक ने उल्टा मेरे साथ बदतमीजी की। इस विषय में मैंने उच्चाधिकारियों को शिकायत भी दी, लेकिन मेरी शिकायत पर उच्चाधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया। एक महिला को बेवजह प्रताड़ित किया जा रहा है। ये सब राजनीति है। जो आरोप लगाए जा रहे हैं उनमें जरा सी भी सच्चाई नहीं है। कार्यालय, मेरे कार्य क्षेत्र व मेरे घर में भी अनुसूचित जाति के बहुत लोग काम करते हैं, आज तक किसी को गलत नहीं बोला। उक्त अध्यापक द्वारा किए गए व्यवहार की मेरे पास वीडियो भी है। इस मामले में हर तरह से जांच के लिए तैयार हूं।
-मनीषा निदिपा, खंड शिक्षा अधिकारी, बडागुढ़ा।