भाखड़ा नहर में पानी चोरी की शिकायत पर गांव पन्नीवाला रूलदू पहुंचे नहरी विभाग के कार्यकारी अभियंता को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। भारी विरोध के चलते नहर से कनेक्शन हटाने आई टीम बैरंग लौट गई।
गांव पन्नीवाला रूलदू के ग्रामीण पिछले दस दिनों से पेयजल किल्लत का सामना कर रहे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने भाखड़ा नहर पर मोटर स्थापित कर पानी लेना शुरू कर दिया। किसी ने इसकी सूचना नहरी विभाग को दे दी।
आनन फानन में विभाग का एक जेई अवैध कनेक्शन को हटाने के लिए गांव में पहुंचा। ग्रामीणों ने उसे खदेड़ दिया। जेई की रिपोर्ट पर कार्यकारी अभियंता बीके जग्गा मौके पर पहुंचे लेकिन ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए वे वहां से खिसक गए। ग्रामीण बलजीत सिंह, अमन सिंह, रमनदीप, बेअंत, मलकीत सिंह लक्ष्मण सिंह, दर्शना देवी, कृष्णा देवी, बचन कौर, जसमीत कौर, कुलदीप कौर, गुरदीप कौर, अमरजीत कौर ने बताया कि गांव में जल घर बना हुआ है। इसमें पाना माइनर से पानी आता है।
माइनर की सफाई न होने के कारण गंदगी भी पानी के साथ आ जाती है। वे कई बार राजनेताओं और संबधित विभाग के अधिकारियों को शिकायत करके समस्या को हल करने के लिए कह चुके हैं लेकिन आज तक इसका समाधान नहीं हुआ। मजबूरीवश उन्हें माइनर बंद करना पड़ा। पिछले करीब दस दिनों से वे पेयजल की बूंद-बूंद के लिए तरस रहे थे।
इसके चलते उन्होंने सीधा भाखड़ा नहर से पानी लेना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि उन पर पानी चोरी का आरोप लगाते हुए नहरी विभाग का एक जेई गांव में आया था। जब उन्होंने उससे साफ पानी मांगा तो वह बिना कोई जवाब दिए खिसक गया। इसके बाद नहरी विभाग के कार्यकारी अभियंता बीके जग्गा आए। ग्रामीणों के विरोध के चलते वे वहां से निकल गए।
जन स्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता हरभजन सिंह ने बताया कि ग्रामीणों ने मोघा बंद कर दिया है। जिसके चलते पेयजल किल्लत आई है। सीधे भाखड़ा नहर से पानी लेना अपराध है। मोघा बंद करने के पीछे कारणों को जानकर उसे हल करवाया जाएगा।