संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। गांव रोड़ी से पंजाब के फत्ता बालू मार्ग पर स्थित रोड़ी ब्रांच नहर का करीब 71 वर्ष पुराना पुल अब लोगों की चिंता का कारण बन गया है। पुल के लेंटर के जर्जर होने से सरिया बाहर आने के कारण ग्रामीणों में इसके कमजोर होने की आशंका बढ़ गई है। पुल की सुरक्षा दीवार भी कई स्थानों से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द तकनीकी जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है। रोड़ी ब्रांच नहर के हेड नंबर 31,500 पर इस पुल का निर्माण वर्ष 1955-56 के दौरान कराया गया था। पुल के निर्माण में तीन पिलर बनाए गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि एक साल पहले इनमें से दो पिलरों के नीचे समय के साथ गहरे गड्ढे बन गए थे। जिनको विभाग की ओर से मरम्मत करवाकर ठीक करवा दिया गया था लेकिन पुल के लेंटर के जर्जर होकर सरिया बाहर आने से व पुल की सुरक्षा दीवार भी कई स्थानों से क्षतिग्रस्त होने के कारण स्थिति काफी गंभीर होती जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। यह पुल रोड़ी को फत्ता बालू, कलालवाला, राइया होते हुए पंजाब के तलवंडी साबो से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं जबकि बड़ी संख्या में राहगीर भी इसी पुल का उपयोग करते हैं।
क्षेत्र के किसानों, विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए यह पुल आवागमन की महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। रोड़ी ब्रांच नहर गांव मलड़ी, भीवां, अलीकां, नागोकी, बप्पां, बूर्ज और भंगू सहित अनेक गांवों से होकर ओटू झील तक पहुंचती है।
इसी नहर से आसपास के गांवों की कृषि भूमि को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में पुल की खराब स्थिति लोगों के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी असर डाल सकती है।