bussinesman against to market close in monday and tuesday
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कोरोना संकट के चलते प्रशासन ने बाजार खोलने के आदेशों में बदलाव करते हुए सोमवार व मंगलवार को बाजार बंद करने के आदेश जारी किए है। जिसके विरोध में शनिवार को व्यापार मंडल के सदस्य व दुकानदारों ने रोष मार्च निकालकर इस आदेश को एक तुगलकी फरमान बताया। व्यापारियों व दुकानदारों का कहना है कि मंदी के इस दौर में वह सोमवार व मंगलवार को दुकानें खोलेंगे, प्रशासन अगर चालान करता है तो कर लें।
प्रशासन द्वारा सोमवार व मंगलवार को बाजार बंद करने के आदेशों को लेकर भगत सिंह चौक पर व्यापार मंडल व दुकानदार इकट्ठा हुए। व्यापार मंडल के सदस्यों ने प्रशासन द्वारा जारी आदेशों को न मानते हुए इसका विरोध किया। विरोध स्वरूप दुकानदारों ने भगत सिंह चौंक से सुभाष चौंक तक प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की व तुगलकी फरमान का विरोध प्रकट किया। प्रदर्शन की अगुवाई व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष हीरालाल शर्मा ने की। सरकार को स्पष्ट तौर पर चेतावनी देते हुए कहा हीरालाल शर्मा ने कहा कि लॉकडाउन के निर्णय के विरोध में सोमवार को महामहिम राज्यपाल के नाम व्यापारी वर्ग द्वारा ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। इस मौके पर व्यापारियों ने एक सुर में कहा कि प्रदेश सरकार की नासमझी व्यापारियों के हितों पर कुठाराघात है। सरकार ने पहले शनिवार व रविवार को लॉकडाउन करने की बात कही थी, फिर अपना फैसला बदलते हुए सोमवार व मंगलवार को व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया। व्यापारी गुरप्रीत गीत ने कहा कि रविवार को शहर में कार बाजार लगता है प्रशासन के आदेशों के चलते वह अब रविवार को नहीं लगता। जब सरकारी रोडवेज बसों में पूरी सवारियों व शराब के ठेकों को खोलने की अनुमति पूरा सप्ताह दे सकती है तो बाजार खोलने की अनुमति क्यों नहीं दे सकती। व्यापारी वर्ग का कहना था कि लॉकडाउन के चलते पिछले करीब 5 महीने से व्यापारिक गतिविधियां पहले ही बंद हो चुकी हैं, बची खुची उम्मीद भी प्रदेश सरकार के निर्णय से खत्म हो जाएगी। ऐसे हालात में व्यापारी वर्ग भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएगा।
कोट
सभी व्यापारियों ने सप्ताह के सात दिनों दुकानें खोलने का फैसला लिया है। प्रशासन द्वारा सोमवार व मंगलवार को बाजार बंद करने आदेशों का विरोध करते हुए व्यापारी सोमवार व मंगलवार को अपनी दुकानें खोलेंगे।
-हीरा लाल शर्मा, जिलाध्यक्ष व्यापार मंडल।