सिरसा। बस स्टेंड परिसर में पार्क की टूटी दिवार पर बैठे यात्री। संवाद
सिरसा। शहर के हिसार रोड स्थित बस स्टैंड परिसर के पार्क उपेक्षा का शिकार बन चुके हैं। कभी यात्रियों को सुकून देने वाले ये पार्क अब गंदगी और लापरवाही की मिसाल बन गए हैं। हालत इतनी खराब है कि लोग इनमें बैठना तो दूर, खड़े रहना भी पसंद नहीं करते। बस स्टैंड परिसर में दो प्रमुख पार्क हैं — एक प्रवेश द्वार पर और दूसरा रोडवेज कार्यशाला के सामने।
हालात यह है कि यह मामला रोडवेज प्रबंधक के संज्ञान में ही नहीं है। कार्यशाला के सामने बना पार्क आकार में बड़ा है और इसे मूल रूप से कर्मचारियों के विश्राम व भोजन के लिए विकसित किया गया था, लेकिन अब यह पार्क पार्किंग स्थल में तब्दील होता जा रहा है। वाहनों की आवाजाही से घास पूरी तरह नष्ट हो चुकी है, दीवारें जर्जर हैं और पेड़-पौधे सूखने की कगार पर हैं।
पार्क में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे बदबू फैल रही है और वातावरण अस्वच्छ बना हुआ है। वहीं, बस स्टैंड के एंट्री गेट पर बने छोटे पार्क का भी यही हाल है — न घास है, न बैठने की कोई व्यवस्था। सर्दियों का मौसम नजदीक है, लेकिन यात्रियों के लिए कोई ठहरने या बैठने की सुविधा नहीं है। मजबूरन लोग पार्क की दीवारों पर बैठने को विवश हैं।
शिकायत के बाद भी नहीं लिया कोई संज्ञान
कर्मचारियों ने कई बार इन हालात के बारे में जिला रोडवेज विभाग के अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक किसी ने संज्ञान नहीं लिया। सालों से उपेक्षित पड़े ये पार्क अब नाममात्र के रह गए हैं। यात्रियों और कर्मचारियों का कहना है कि अगर जल्द सुधार नहीं किया गया, तो पार्क पूरी तरह खत्म हो जाएंगे।
मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं हैं। बस स्टैंड परिसर में अगर ऐसी कोई समस्या है तो उसका समाधान जल्द करवाया जाएगा।-
अमित कुमार, प्रबंधक, रोडवेज डिपो, सिरसा।
सिरसा। बस स्टेंड परिसर में पार्क की टूटी दिवार पर बैठे यात्री। संवाद