खेत में कंबाइन से गेहूं काटता चालक।
सिरसा। मार्च मास से अप्रैल के प्रथम सप्ताह तक तापमान में गिरावट आने से इस बार गेहूं की फसल का बंपर उत्पादन हुआ है। पहले लगातार पड़ी ठंड व उसके बाद एक्टिव हुए पश्चिमी विक्षोभ इस बार जिले के लिए फायदेमंद साबित हुए है। बादलवाही, बूंदाबांदी का मौसम गेहूं की फसल के लिए अनुकूल रहा। यही वजह रही कि गेहूं के दाने में बधवार हुई और झाड़ अच्छा निकल रहा है। जिससे किसान भी काफी खुश दिखाई दे रहे हैं।
जिले में इस बार किसानों ने 2 लाख 72 हजार 360 हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई की है। फरवरी माह में हालांकि बारिश नहीं हुई, लेकिन मौसम गेहूं के प्रति काफी अनुकूल रहा। वहीं मार्च महीने में कई बार पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव रहे, जिस कारण हल्की बूंदाबांदी व बादलवाही रहने से गर्मी अधिक नहीं पड़ी और गेहूं के लिए मौसम अच्छा रहा। अप्रैल के प्रथम महीने में भी पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव रहा था। इसके बाद गर्मी पड़ने से गेहूं का दाना पककर पूरी तरह से तैयार हो गया।
मार्च महीने इस बार तापमान 25 से 30 डिग्री के बीच रहा, जो कि गेहूं की फसल में दाना बनने और पकने के लिए काफी था। यही कारण है कि इस बार पिछले साल की अपेक्षा इस साल गेहूं का अच्छा झाड़ निकल रहा है। अमूमन पहले खेतों में जहां 45 से 50 मण प्रति एकड़ गेहूं की उपज होती थी, वहीं इस बार उत्पादन 60 मण प्रति एकड़ तक पहुंच गया है। गांव रायपुर के किसान नरेंद्र बैनीवाल व उग्रसेन बैनीवाल, मीरपुर के किसान प्रेम कुमार, अहमदपुर के किसान देसराज ने बताया कि पहले उनका प्रति एकड़ औसत उत्पादन 50 मण रहता है। इस बार यह 55 से 60 मण के करीब निकल रहा है। कई गांवों में तो औसत उत्पादन 65 मण तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि पहले पानी लगाते ही तेज अंधड़ से फसलें खेत में बिछ जाती थी। इस बार मौसम में नमी थी, न तो जमीन में अंतिम पानी लगाना पड़ा। थोड़ी बहुत हवा चली तो उसका फसल को कोई फर्क नहीं पड़ा।
इस साल गेहूं की फसल के लिए मौसम काफी अच्छा रहा है। मौसम में नमी बनी रही और बाद में गर्मी पड़ने से फसल भी जल्द पककर तैयार हुई है। इसका असर यह रहा है कि इस बार गेहूं का उत्पादन अच्छा हुआ है।
-सुखदेव सिंह, डीडीए फतेहाबाद