सिरसा। जिले के राजकीय स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के दावों के बीच कंप्यूटर लैब की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। पिछले करीब 12 वर्षों से कंप्यूटर लैब के लिए कोई विशेष बजट जारी नहीं किया गया है। इसके चलते जिलेभर में संचालित 120 कंप्यूटर लैब में से केवल लगभग 20 प्रतिशत ही सही ढंग से काम कर पा रही हैं। बाकी लैब खस्ताहालत में पहुंच चुकी हैं।
जिले में कुल 120 कंप्यूटर लैब संचालित हैं। इनमें से कोई भी लैब पूरी तरह से बंद नहीं है। इसके बावजूद संसाधनों की कमी, पुराने उपकरण और रख-रखाव के अभाव के कारण अधिकतर लैब केवल नाम मात्र के लिए चल रही हैं। कई स्कूलों में कंप्यूटर पुराने हो चुके हैं जिनमें तकनीकी खराबियां लगातार बनी रहती हैं। नए सॉफ्टवेयर और तकनीक के अभाव में छात्रों को आधुनिक डिजिटल शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है।
जिले में वर्तमान में 132 कंप्यूटर टीचर कार्यरत हैं जबकि 54 पद अब भी खाली पड़े हैं। इसी प्रकार, 120 कंप्यूटर लैब अटेंडेंट कार्यरत हैं लेकिन 75 पद खाली होने के कारण काम का बोझ बढ़ गया है। स्टाफ की इस कमी का सीधा असर लैब के संचालन और रख-रखाव पर पड़ रहा है। सीमित कर्मचारियों के सहारे ही किसी तरह लैब को चलाया जा रहा है।