सिरसा। शुक्रवार को प्रदेश भाजपा सरकार ने अपना आखिरी बजट पेश किया। जिसमें उन्होंने कोई नया कर नहीं लगाते हुए किसानों को राहत देने और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की बात कही है। इसी बजट को जहां सत्ता पक्ष ने सराहा है वहीं विपक्ष ने दिशाहीन बताते हुए कहा कि युवाओं व रोजगार की इसमें बात ही नहीं है।
हरियाणा का अंतरिम बजट प्रदेशवासियों के लिए कई सौगात लेकर आया है। बजट से प्रदेश में विकास के नए द्वार खुलेंगे। राज्य सरकार ने शहीदों की सहायता राशि 50 लाख से एक करोड़ बढ़ाकर उनको सम्मान दिया है। इसके साथ-साथ सीएम ने बजट में प्रदेश के 5 लाख किसानों को कर्ज मुक्ति की राह दिखाई है, जिसके तहत प्रदेश के 5 लाख किसानों को कृषि क्षेत्र में ऋण पर ब्याज व पेनल्टी से मुक्ति मिलेगी। महिलाओं की सुरक्षा के लिए बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दो लाख रोजगार की बात भी बजट में कही गई है, जो सरकार का स्वागत योग्य कदम है।
-प्रदीप रातुसरिया, वरिष्ठ भाजपा नेता
इस बार का बजट पदेश के विकास को नई मजबूती देगा। इस साल के बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। हरियाणा सरकार ने प्रदेश के किसान को समृद्ध बनाने के लिए इस बार के बजट में 5 लाख से ज्यादा किसानों के कर्ज का ब्याज और पेनल्टी माफ करने की घोषणा की है। जो डिफॉल्टर किसान 30 सितंबर 2023 तक का कर्ज 31 मई 2024 तक जमा कराते हैं उनका ब्याज और पेनल्टी माफ होगा।
-डॉ. विनोद स्वामी, प्रदेश उपाध्यक्ष ओबीसी मोर्चा भाजपा
मुख्यमंत्री ने जो बजट पेश किया है। उसमें सभी वर्गों को खुश करने की कोशिश की है। किसी भी प्रकार का नया कर नहीं लगाया है। सैनिकों को सम्मान दिया है। शहीद हुए सैनिकों के परिजनों के लिए दी जा रही 50 लाख रुपये की अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये किया जाएगा। शहीद सैनिक चाहे वे किसी भी रक्षा सेवा या केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के हो। इस बार का बजट सभी वर्गों किसान मजदूर व्यापारी आमजन के लिए मिला जुला है।
- राजकुमार खुंगर, रिटायर्ड लेक्चर अर्थशास्त्र
ये बोला विपक्ष
सरकार ने इस बजट में नए पहलुओं पर बात करने के बजाय फिर से पुराने जुमलों का झुनझुना प्रदेश की जनता को थमा दिया। हरियाणा की जनता को इस बजट से काफी उम्मीदें थी कि उन्हें महंगाई, बेरोजगारी एवं टैक्स में राहत मिलेगी, लेकिन उन्हें मिली सिर्फ और सिर्फ निराशा। किसान विरोधी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में भी उनकी आर्थिक सुरक्षा का कोई जिक्र तक नहीं किया। बजट में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर भी कोई चर्चा नहीं की गई। मुख्यमंत्री ने एमएसपी न देकर किसानों और रोजगार न देकर युवाओं के साथ, महंगाई बढ़ाकर महिलाओं के साथ अन्याय किया है।
-डाॅ. सुशील इंदौरा, पूर्व सांसद व वरिष्ठ कांग्रेस नेता